
उपजा को मिला नया वैधानिक स्वरूप अब सभी साथियों के हित में कार्य करेंगे – प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह !
नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्टस – एनयूजे से संबद्ध उ.प्र.एसोसिएशन आफ जर्नलिस्ट्स (पंजीकृत) की नई प्रदेश कार्यकारिणी ने प्राथमिकता बतायी।
प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने अपने पहले संवाद में उपजा से छितरे सभी पत्रकार साथियों के घर वापसी की अपील की है।

सर्वेश सिंह ने दोहराया – हमारी संस्था — नई नहीं है। यह उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा ) का ही वैधानिक स्वरूप है।
उपजा पंजीकरण निरस्त होने के कारण वैधानिक और कानूनी रूप से काल बाह्य हो गई थी।
संस्था में कुछ भी नया नहीं है, सभी अपने पुराने साथी हैं। वे सब हैं जिनके साथ मैंने – महामंत्री के तीन कार्यकाल, उपाध्यक्ष और पूर्व में कार्यालय मंत्री के रूप में ( 1998 से 2014 ) तक काम किया है।
संस्था का स्वरूप वही है, आत्मा वही है, परंपरा वही है, विरासत भी वही रहेगी। सिर्फ तकनीकी कारणों से नाम में कुछ परिवर्तन हुआ है।
हम उपजा की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कृत संकल्पित हैं। हम ही तकनीकी रूप से भी उपजा के उत्तराधिकारी हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जाहिर किया – आज तकनीक का युग है, हम तकनीक और परंपरा के साथ आगे बढ़ेगें।
केन्द्रीय नेतृत्व से प्राप्त परामर्श के उपरान्त यह नया पंजीकरण प्राप्त किया गया। ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार कानपुर कार्यालय से नया पंजीकरण ( संख्या-10355 ) प्राप्त होने के बाद राजधानी लखनऊ में प्रांतीय सम्मेलन आयोजित हुआ।
सर्वसम्मति से यूनियन के सदस्यों, प्रदेश भर की जिला कार्यकारिणियों ने मुझे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
पहले राज्य सम्मेलन में राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चन्द्र सिंह, एयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक मलिक (चंडीगढ़) , महासचिव सुरेश शर्मा ( भोपाल ), उपाध्यक्ष त्रियुग नारायण तिवारी ( अयोध्या ) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
हमारे साथ यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ( उपजा ) के अभी तक महामंत्री रहे रायबरेली से कर्मठ और जुझारू राधेश्याम लाल कर्ण महामंत्री तथा प्रयागराज के साथी बालमुकुंद कोषाध्यक्ष हैं।
वरिष्ठ पत्रकार सिंह ने कहा – नई तकनीक से प्रदेश भर के पत्रकारों के हित के कार्य हो सकते हैं, उस पर विचार कर संगठन को पुनः सुदृढ़ और सशक्त बनाना है।
जब 1965 में उपजा गठित हुई – तब केवल प्रिंट मीडिया ही था। आज मीडिया का विस्तार इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ सोशल मीडिया तक है। हम समस्त मीडिया को समावेशित करने का प्रयास करेंगे।
हम राष्ट्रीय संस्था नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स ( एनयूजेआई ) से संबद्ध हैं। एनयूजे के मार्ग दर्शन और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के निर्देशन में प्रदेश की नई कार्यकारिणी पत्रकार हित के कामों में पूरी तरह से सफल होगी, ऐसा मुझे विश्वास है।
प्रांतीय अध्यक्ष ने पुराने साथियों का आह्वान किया – वे सभी पुनः हमारे साथ आयें और वैधानिक रुप से ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत पंजीकृत यूनियन में घर वापसी करें।
हमारी किसी भी अन्य पत्रकार संगठन से कोई प्रतिद्वन्दिता नहीं है, प्रतिस्पर्धा भी नहीं है।
सभी को पत्रकार हितों के लिए काम करना है, लक्ष्य एक ही है। इसलिए जब भी पत्रकारों के हितों के लिए अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर कोई संयुक्त फैसला लेना होगा – हम सबसे पहले सहभागी होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने कहा – आशा है हमारी नई कार्यकारिणी को सभी पत्रकार साथियों का पहले जैसा ही सहयोग, स्नेह और विश्वास प्राप्त होगा।
– भूपत सिंह बिष्ट