अंकिता भंडारी हत्या की अलख जगाने देहरादून पहुँची – एक्टिविस्ट योगिता भवाना !
कुख्यात वीआईपी को सजा दिलाने, जनजागरण, सीबीआई और कानूनी सहायता हेतु योगदान करेंगी पीपुल्स एगेंस्ट रेप इन इंडिया ।
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्या की अलख जगाने देहरादून पहुँची – एक्टिविस्ट योगिता भवाना !
कुख्यात वीआईपी को सजा दिलाने के लिए जन जागरण, सीबीआई और कानूनी सहायता हेतु योगदान करेंगी पीपुल्स एगेंस्ट रेप इन इंडिया ।
पीपुल्स एगेंस्ट रेप इन इंडिया की संस्थापिका और यौन अपराधों की पीड़ित बेटियों की शक्ति स्वरूपा
योगिता भवाना ने उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून में आज पत्रकार वार्ता की।

नव वर्ष 2026 के पहले दिन उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के बाहर घूम रहे अपराधियों के खिलाफ
योगिता भवाना महिला एक्टिविस्ट ने प्रखरता से आवाज उठायी और सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
सुप्रीम कोर्ट में उन्नाव रेपकांड पीड़िता को न्याय दिलाने में सक्रिय योगिता ने पुलिस और सरकार की शिथिलता
और घोर लापरवाही पर आवाज उठायी।
योगिता भवाना ने कहा – बेटियों को समाज के निरंकुश सफेदपोश अपराधियों से बचाने के लिए हमें सड़कों पर
आना होगा। तभी उच्च न्यायालय और सरकार इन घृणित अपराधों का संज्ञान ले पाते हैं।
उत्तराखंड सरकार को विशाखा और निर्भया कानून की सिफारिशों के अनुरूप कार्रवाई करनी
चाहिए। उर्मिला सनावर ने अंकिता भंडारी मामले में जानकारी को सांझा कर जिम्मेदार नागरिक का
परिचय दिया है। उत्तराखंड सरकार उसे सुरक्षा दे और वीआईपी का पर्दापाश करने के लिए
सीबीआई जांच हेतु आगे आये।

अन्यथा यही संदेश जगजाहिर है कि सरकार अपनी पार्टी के नेताओं को बचाने के लिए साक्ष्यों की
उपेक्षा कर रही है। पहले ही वंतरा रिजोर्ट में एक एमएलए ने जेसीबी से अंकिता का कमरा तुड़वाया,
दो बार वहां आगजनी हो गई और रिजोर्ट के वीआईपी मेहमानों की सूची और सीसीटीवी फुटेज को
न्यायालय से दूर रखकर इसे सामान्य अपराध साबित करने का प्रयास किया।
सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों से नौकरी की तलाश में शहर आ रही बेटियों की रक्षा करने में सरकार निकम्मी साबित
हो रही है। विशाखा और निर्भया कानून की सिफारिश के अनुरुप मामले की सघन जाँच व त्वरित न्याय की अनदेखी
और राजनीतिक पहुँच रखने वालों को छोड़ने की प्रवृत्ति आधी आबादी के लोकतांत्रिक अधिकार और
मौलिक न्याय के विरूद्ध है।

सोशल मीडिया की पोस्ट को अनदेखा करने वाली सरकारें गूंगी – बहरी बन गई हैं।
इन सरकारों को जगाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनता और पत्रकारों को अपना सक्रिय सहयोग देना है।
तभी बेटियों को इन गिद्धों के हाथों नोचने से बचाया जा सकता है।
कांग्रेस की उत्तराखंड प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा – अंकिता भंडारी वीआईपी नाम की
जानकारी जाहिर करने वाली उर्मिला सनावर को आवश्यकता पड़ी तो कानूनी सहायता की सुरक्षा दी जायेगी।
पदचिह्न टाइम्स।



