अंकिता भंडारी हत्याकांड सीबीआई कोर्ट की देखरेख में पूरक अपराधिक जाँच करे – कोलिन गोंसाल्विस !
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा ने उठाये सीबीआई जाँच के तमाम पहलु और सम्भावनायें।

अंकिता भंडारी हत्याकांड सीबीआई कोर्ट की देखरेख में पूरक अपराधिक जाँच करे – कोलिन गोंसाल्विस !
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा ने उठाये सीबीआई जाँच के तमाम पहलु और सम्भावनायें।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कोलिन गोंसाल्विस ने आगाह किया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की अगली अपराधिक जाँच के लिए सभी पक्षों को जागरूक रहना होगा।

उत्तराखंड सरकार सीबीआई से अगली अपराधिक जांच का अनुरोध करें क्योंकि मामले की पुलिस जाँच में तीन अपराधियों को आजन्म कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। अब अगली आपराधिक जांच में उस वी आई पी का खुलासा होना है , जिस को स्पेशल सर्विस देने के लिए उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को मौत के घाट उतारा गया।
https://youtu.be/W3KN47CmRh0?si=OcJPbsIRes6-6lZX
मामला उस रिसॉर्ट्स से जुड़ा है – जहाँ वी आई पी स्पेशल सर्विस पा रहे थे और इन साक्ष्यों को छुपाने के लिए स्थानीय विधायक ने उन कमरों में जेसीबी से तोड़फोड़ कराई ताकि साक्ष्य नष्ट किये जा सकें।
उमाकांत लखेड़ा ने अपने चैनल में लिए इंटरव्यू में आपराधिक मामलों की पांच दशक से पैरवी कर रहे सुप्रीम कोर्ट वकील कोलिन गोंसाल्विस से सीबीआई जाँच बारीकियों को समझा और आम जनमानस के साथ साँझा किया।
सुप्रीम कोर्ट वकील कोलिन गोंसाल्विस ने सीबीआई टीम में अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारीयों को शामिल करने और वीआईपी – वेरी इम्पोर्टेन्ट पर्सन – अति विशिष्ट व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर बल दिया। अन्यथा यह मामला दबाया जा सकता है।
साक्ष्य मिटाने वाले अधिकारी और विधायक को कस्टडी में लेकर इस रिसॉर्ट्स में चल रहे सभी अनैतिक धंधों का पर्दाफाश सीबीआई कर सकती है।

कोलिन गोंसाल्विस का कहना है कि सरकार पूरक आपराधिक जाँच का सरकारी आदेश निकाले ताकि शेष अपराधियों को कानून के दायरे में दंडित किया जा सके और उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय मिले।
उमाकांत लखेड़ा और कोलिन गोंसाल्विस के इंटरव्यू का लिंक यहाँ सलग्न है कृपया क्लिक कर सीबीआई मामले के गुण – दोष की जानकारी हासिल करें।
https://youtu.be/W3KN47CmRh0?si=OcJPbsIRes6-6lZX
पदचिह्न टाइम्स।



