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संसद में बचाव  मगर  शेयर बाजार में धड़ाम से गिर गए !

अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट का दौर नहीं थम पा रहा - एक साल पहले के मूल्य स्तर पर।

संसद में बचाव  मगर  शेयर बाजार में धड़ाम से गिर गए !
अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट का दौर नहीं थम पा रहा – एक साल पहले के मूल्य स्तर पर।

संसद के बजट सत्र का पहला हिस्सा कारोबारी अडानी के नाम रहा है।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद 24 जनवरी से अब तक अडानी ग्रुप के शेयरों में 10 .2 लाख करोड़ की रिकार्ड गिरावट दर्ज हुई है।

अडानी का बिजनेश साम्राज्य विश्व नंबर दो से छिटक कर दो दर्जन पायदान नीचे आ चुका है।
कहां तो गुजरात के कारोबारी अडानी विश्व के पहले अमीर आदमी का सपना पाले हुए थे और अचानक अब

हर तरफ का दबाव झेल रहे हैं।
कांग्रेस और समूचा विपक्ष अडानी कारोबार के पीछे लग चुका है।
संसद में मोदी – अडानी भाई – भाई के नारे गूंजने लगे।

सांसद राहुल गांधी ने अडानी के कारोबारी उफान के लिए प्रधानमंत्री मोदी की विशेष कृपा का

प्रसाद बताया और तमाम आरोप लगाये।
9 साल में पहली बार नरेंद्र मोदी सीधे विपक्ष के निशाने पर हैं।

सांसद राहुल गांधी को कारोबारी अडानी के साथ सरकार के गठजोड़ पर विशेषाधिकार हनन का

नोटिस भी बीजेपी की ओर से अफरा तफरी में मिल गया है।

अडानी के बचाव में उतरी बीजेपी संसद के प्रथम सत्र में मामला टालने में सफल रही है।
आम आदमी पार्टी, तृण मूल कांग्रेस, वामपंथी दल अब बीजेपी को अडानी के साथ अगले चुनाव

तक जोड़कर रखने वाली है।

जेपीसी – संयुक्त संसदीय जांच कमेटी या सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में अडानी ग्रुप की कारोबारी जांच में

आंशिक सफलता मिलती दिख रही है।

सुप्रीम कोर्ट में उठाये गए एक मामले में सरकार ने अडानी ग्रुप के शेयरों में आई भारी गिरावट,

जीवन बीमा निगम और स्टेट बैंक के ऋण में नियामक संस्थाओं की भूमिका पर विशेषज्ञ जांच कमेटी बनाने

की मांग स्वीकार की है।

सरकार बंद लिफाफे में जांच कमेटी सदस्यों के नाम सुझायेगी।

उधर शेयर बाजार में अडानी ग्रुप के शेयर मुँह के बल गिरे हैं।
आसमान छू रहे शेयरों के भाव पिछले एक साल 52 हफ्तों के न्यूनतम को छू चुके हैं।
आमआदमी और वित्तिय संस्थाओं को भारी आर्थिक नुक्सान इस ग्रुप के शेयर में जमा पूंजी निवेश

करने में उठाना पड़ रहा है।

अमेरिकन बिजनेश और फाइनैंसियल सर्विस कंपनी मूडी ने अडानी के कुछ शेयरों को स्टेबल तथा निगेटिव रेट दिया है।
कई विदेशी बाजार संस्थाओं ने अडानी के बांडस और शेयर पर अपना रवैया बदला है।

आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान अडानी ग्रुप की खबरें रंग में भंग डालती और चुनावी मुद्दा बनती दिख रही हैं।
पिछले कारोबारी दिन में अडानी इंटरप्राइजेज शेयर में 7 प्रतिशत, अडानी फोर्ट स्पेशल इक्नोमिक जोन व

अंबुजा सिमेंट में 5 प्रतिशत के करीब गिरावट आयी है।

52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर को छू चुके शेयर अडानी ट्रांसमिशन 1126-, अडानी ग्रीन 667- अडानी टोटल गैस 1195- प्रमुख हैं।
एसीसी, अंबुजा और एनडीटीवी के शेयर भी टूटे हैं।

अभी तक अडानी ग्रुप के शेयरों में दस लाख करोड़ से अधिक की गिरावट 24 जनवरी के बाद आ चुकी है।
अडानी कारोबार में पैसा लगा चुके आम लोगों और बैंकों की हालत चिंताजनक हो रही है।
– भूपत सिंह बिष्ट

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