उत्तरांचल प्रेस क्लब में नवोदित प्रवाह वार्षिकी का लोकार्पण !
मुख्य अतिथि अध्यक्ष अजय राणा , विदुषी डा सुधा पांडे की अध्यक्षता में नामी साहित्यकार मौजूद रहे।

उत्तरांचल प्रेस क्लब में नवोदित प्रवाह वार्षिकी का लोकार्पण !
मुख्य अतिथि अध्यक्ष अजय राणा , विदुषी डा सुधा पांडे की अध्यक्षता में नामी साहित्यकार मौजूद रहे।
उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय राणा ने बाजार उन्मुखी पत्रकारिता के चलते
युवा जगत में साहित्य विरासत कम हो रही है।
लोक कल्याण के लिए सांस्कृतिक चिंतन, भाषा और समाज का नैतिक संरक्षण,
काव्य और कथा शिल्प दीर्घकाल तक संतोष प्रदान करता है।
साप्ताहिक समाचार पत्र नवोदित प्रवाह के संपादक और प्रेस क्लब के सदस्य
रजनीश त्रिवेदी पुन: देहरादून शहर से साहित्य का विशिष्ट प्रवाह फैलाने की
मुहिम चला रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षा डा सुधा पांडे ने बताया – देहरादून के अग्रणी शिक्षाविद,
कवि और पत्रकार स्वर्गीय डा गिरिजा शंकर त्रिवेदी जी की साहित्य यात्रा को
नवोदित प्रवाह अग्रसर बनाये है।
वैश्विक महामारी कोरोना काल में आन लाईन पत्रिका के रूप में शुरू
नवोदित प्रवाह का साप्ताहिक प्रकाशन और वार्षिक अंक देश के लब्ध प्रतिष्ठित
रचनाकारों को समाहित कर देहरादून की साहित्यिक प्रतिष्ठा को
धीरे से लौटा रहा है।
सभ्य समाज में निरंतर चिंतन और मनन के लिए साहित्यकारों को
मंच मिलना आवश्यक है।
साहित्यकार डा सुधा पांडे उत्तराखंड के प्रमुख महादेवी महिला महाविद्यालय की
प्राचार्य, उपकुलपति और प्रदेश लोकसेवा आयोग में सेवा दे चुकी हैं।
लोकार्पण कार्यक्रम का संचालन रजनीश कुमार त्रिवेदी ने किया और एक घंटे के
सफल कार्यक्रम में काव्य पाठ और विविध वार्तालाप संपन्न हुए।
नवोदित प्रवाह के वार्षिक साहित्यिकी अंक के समर्थन में देहरादून के
नामचीन कवि और रचनाकार शामिल रहे।
डा बसंती मठपाल, श्रीमती डाली डबराल, श्रीमती भारती मिश्रा, श्रीमती कुलबीर चन्नी,
श्रीमती नीलम प्रभा वर्मा, डाक्टर राकेश बलूनी, डा सुदेश ब्याला, डा राम विनय सिंह,
चंदन सिंह नेगी उपेक्षित, राजेश आनंद असीर, शशि भूषण बडोनी, शिव मोहन सिंह,
संजीव कुमार, ललित मोहन लखेड़ा, सुनील त्रिवेदी, संजीव कुमार आदि शामिल रहे।
नवोदित प्रवाह वार्षिक पहल -2024 अंक में देश के 154 प्रमुख साहित्यकारों ने अपना
योगदान किया है। अंक की साज सज्जा में डा सुधा पांडे, डा बुद्धिनाथ मिश्र, शशि भूषण बडोनी,
सिद्धेश्वर, अनुभूति गुप्ता, कहकशाँ और विज्ञान व्रत की बड़ी भूमिका है।
— भूपत सिंह बिष्ट