साइबर ठगी पर इंटरपोल का डंडा – एक अभियान में सैकड़ो अपराधी धरे गए !
भारत सहित बीस देशों में अभियान के तहद अरबों रूपये के सोलह सौ बैंक ठगी मामले सुलझाये।

साइबर ठगी पर इंटरपोल का डंडा – एक अभियान में सैकड़ो अपराधी धरे गए !
भारत सहित बीस देशों में अभियान के तहद अरबों रूपये के सोलह सौ बैंक ठगी मामले सुलझाये।
साइबर अपराधियों की ठगी से आजिज आकर अब इंटरनेशनल पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया है। हजार से अधिक अपराधी पकड़े गए और बीस देशों में इन साइबर ठगों के हजारों खातों को सील किया गया है।
भारत भी इंटरपोल की इस मुहिम का हिस्सा रहा है। अंतर राष्ट्रीय पुलिस ने साइबर ठगों के नए तरीकों को बयौरा भी साझा किया है।
अरबो रूपये की वसूली इस अभियान के तहद हुई है और आनलाइन बैंक जालसाजी करने वाले साइबर ठगों के खातों को तुरंत ज़ाम करने की प्रक्रिया सुझायी गई है।
आर्थिक अपराधों के लिए आनलाइन इंटरनेट से जुड़े मोबाइल, लैपटाप और कंप्यूटर पर अपना एप डालकर लाखों – करोड़ों की ठगी की जा रही है।
ट्रजोन वायरस डालकर किसी भी मोबाइल या कंप्यूटर से सभी गुप्त जानकारियां चोरी की जा रही हैं।
इंटरपोल ने साइबर ठगी के एक मामले में बताया है – जालसाजों ने मल्टीनेशनल कंपनी को हू – बहू जाली ई मेल भेजकर चायना बैंक के दो खातों में आठ – आठ लाख मीलियन डालर ट्रांसफर करने की फर्जी डील कर दी।
एक खाते में पैसा ट्रांसफर करने के बाद कंपनी को ठगी का अहसास हुआ और लीगल टीम ने तुरंत इंटरपोल की मदद लेकर मामला दर्ज कराया।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही से 94 प्रतिशत धन की वसूली बीजिंग, बगोटा व हांगकांग में खातों को सीज कर के हो पायी है।
इंटरपोल सेक्रेटरी जनरल जे स्टोक के अनुसार अभी एंटी मनीलांड्रिंग रैपिड रिसपोंस प्रोटोकोल (ARRP) कुछ मित्र देशों में काम कर रहा है और अगले साल से यह विश्व भर में साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए उपयोग किए जाने लगेगा।
पदचिह्न टाइम्स।