
साम दाम दंड भेद का मंत्र चालू लोकसभा चुनाव की आहट !
नीतीश ने बीजेपी के दम पर जीता विश्वास मत – आरजेडी के तीन और जेडीयू का एक विधायक टूटा।
लोकसभा चुनाव -2024 से पहले बीजेपी सभी राज्यों में विपक्ष को कमजोर
करती जा रही है।
आज की मुख्य खबरों में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक अशोक चव्हाण ने
कांग्रेस छोड़ने की घोषणा कर दी।
दो बार के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने विधायकी से इस्तीफा देकर अपने नेता राहुल गांधी की
न्याय यात्रा को धता बताया है।
इस माह राज्यसभा सीटों पर चुनाव से पहले विपक्षी विधायकों की तोड़ फोड़
चुनावी गणित के लिए मुफीद बैठती है।
सुप्रीम कोर्ट में दल बदल और पार्टी फाड़ के निर्णय लंबित चल रहे हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव
से पहले जांच की आँच ताप रहे विपक्षी नेताओं की बीजेपी में घुसने की होड़ मची है।
बिहार विधानसभा में कोई बड़ा उलट फेर नहीं हुआ। जनता दल यूनाइटेड के
नीतीश कुमार चार साल में तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं।
बीजेपी के साथ यह उनकी एक चुनाव में गठित विधान सभा दूसरी पारी है
और आरजेडी के तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में पलटू चाचा की
जमकर धुलाई की है।
बिहार विधानसभा का कार्यकाल 2025 में समाप्त होना है सो बीजेपी ने सधे हुए गणित से
पहले विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कराया।
आरजेडी के विधानसभा अध्यक्ष को सत्ताधारी गठबंधन के 125 मतों के खिलाफ मात्र
112 मत पाकर हटना पड़ा। छह विधायक मत विभाजन से दूर रहे।
फिर तो नीतीश सरकार के लिए विश्वास मत हासिल करना मात्र रस्म अदायगी
साबित हुआ।
जेडीयू – बीजेपी गठबंधन के पास 128 सदस्यों का बहुमत था और यह बढ़कर 129 हो गया।
दूसरी ओर महागठबंधन ने आरजेडी के तेजस्वी यादव की अगुवायी में विधानसभा से
बहिर्गमन किया।
इस से पूर्व लालू यादव की आरजेडी के तीन विधायकों चेतन आनंद (बाहुबली पुत्र),
श्रीमती नीलम देवी (बाहुबली पत्नी) और प्रह्लाद यादव ने अपनी पार्टी को धोखा दिया।
जेडीयू का एक सदस्य सदन से अनुपस्थित रहा और इस प्रकार नीतीश की कमजोर कड़ी
और बीजेपी की मजबूत किलेबंदी सरकार बचाने में कामयाब रही।
पदचिह्न टाइम्स।