बजट चर्चा : इस वित्त वर्ष में फिर नई टैक्स दर को और भी छूट मिली !
अब नई टैक्स दर में तीन लाख तक शून्य कर और 75 हजार की स्टैंडर्ड डिडक्शन छूट।

बजट चर्चा : इस वित्त वर्ष में नई टैक्स दर को और भी छूट मिली !
अब नई टैक्स दर में तीन लाख तक शून्य कर और 75 हजार की स्टैंडर्ड डिडक्शन छूट।
वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने निरंतर सातवीं बार बजट प्रस्तुत करने का
रिकार्ड बनाया है।
आज अपने बजट भाषण में वित्तमंत्री ने वेतनभोगी नागरिकों के लिए कई छूट दी हैं लेकिन
इन छूट का लाभ नई टैक्स दर से आईटीआर भरने वालों को ही मिलेगा।
वित्त वर्ष 2024- 25 के लिए वेतन में दी जाने वाली स्टैंडर्ड डिडक्शन छूट को
50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार कर दिया ।
शून्य कर का स्लैब अब नई कर दर में ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख
हुआ है।
ऐसे में वेतनभोगियों और पैंशनर्स को सवा लाख की राहत नसीब हुई है।
अब लगभग 8.25 लाख तक कर देयता शून्य हो जायेगी। पहले 7 लाख तक आय में
कर शून्यता का लाभ सेक्शन 87 ए के तहद मिलती थी।
नयी कर प्रणाली को मोदी सरकार ने पुराने टैक्स सिस्टम से और प्रभावी
और लाभदायक बना दिया है।
अब तक पुरानी कर प्रणाली को छोड़कर नई कर प्रणाली में आने वाले
करदाता 66 प्रतिशत से अधिक हो गए हैं।
नई कर प्रणाली में टैक्स स्लेब इस प्रकार हैं –
पहले तीन लाख पर कर देयता – शून्य ,
3 से 7 लाख यानि अगले 4 लाख पर – 5 प्रतिशत (20 हजार),
7 से 10 लाख यानि अगले 3 लाख पर – 10 प्रतिशत (30 हजार),
10 से 12 लाख यानि अगले 2 लाख पर – 15 प्रतिशत ( 30 हजार ),
12 से 15 लाख यानि अगले 3 लाख पर – 20 प्रतिशत (60 हजार),
और 15 लाख से ऊपर कीआय पर सीधे 20 प्रतिशत कर देना होगा।
इस प्रकार नये कर स्लैब अधिक छूट प्रदान कर रहे हैं और अब नये करदाता
80- सी, 80- डी, 80- जी और भवन ऋण अदायगी पर पुरानी कर देयता की
पुरानी छूट को छोड़ना चाहेंगे।
– भूपत सिंह बिष्ट द्वारा।