कनाडा में पढ़ रहे छात्र अब अपनी नौकरी को लेकर चिंतित !
आंकड़ों के अनुसार कनाडा में 2.26 लाख से ज्यादा छात्र उच्च शिक्षा ले रहे।

कनाडा में पढ़ रहे छात्र अब अपनी नौकरी को लेकर चिंतित !
आंकड़ों के अनुसार कनाडा में 2.26 लाख से ज्यादा छात्र उच्च शिक्षा ले रहे।
कनाडा और भारत के बीच बढ़ते अविश्वास के कारण अब विदेश में पढ़ रहे
छात्र शंकित हो गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने बढ़ते तनाव के बीच कनाडा दूतावास को अपने राजनयिक
घटाने का अल्टीमेटम दिया।
इस के जवाब में कनाडा ने वीजा देने की प्रक्रिया को शिथिल कर दिया है।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की भारत विरोधी टिप्पणी ने
विवाद को जन्म दिया है।
अब आर्थिक और शैक्षणिक संबंधों तक खट्टास बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है – कनाडा में इस समय आठ लाख से अधिक विदेशी छात्र
उच्च शिक्षा ले रहे हैं।
इन में दिसंबर 2022 तक भारतीय छात्र 2.26 लाख से अधिक बताये गए हैं।
ये संख्या विगत वर्ष से 47 प्रतिशत ज्यादा है।
कनाडा में शिक्षा व्यवसाय बढ़ाने में भारतीय छात्रों का बड़ा योगदान है।
लाखों छात्र कनाडा की जीडीपी बढ़ाने और रोजगार क्षेत्र में जुड़कर
विकास में योगदान दे रहे हैं।
दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद से भारतीय छात्रों को अपने भविष्य की
चिंता सताने लगी है।
हरियाणा और पंजाब से कनाडा में शिक्षा के बाद रोजगार चाहने वालों की
काफी संख्या है। देश के दूसरे भागों से कनाडा शिक्षा वीसा लेकर
जाने वाले छात्र इसे सरल वर्क परमिट का तरीका मानते हैं।
अब बढ़ते तनाव में शिक्षा पा रहे छात्र आगे रोजगार पाने को लेकर चिंतित
हो गए हैं। परिवार ने महंगे ऋण लेकर उन्हें कनाडा भेजा है।
कनाडा में रोजगार पाकर ही परिजनों को इस ऋण से मुक्ति मिलने वाली है।
छात्र अपनी शिक्षा के साथ पार्ट टाइम काम कर के जीवनयापन करते हैं।
अब छात्रों को अंदेशा है कि उच्च शिक्षा के बाद उन्हें शायद रोजगार के बेहतर
अवसर न मिलें। टैक्सी चलाने और स्टोर में काम करने की नौबत आ सकती है।
कनाडा की राजधानी टोरंटो और आसपास के इलाकों में मकान किराया
और जीवन शैली सब से मँहगी कही जाती है।
पदचिह्न टाइम्स।