अरुणाचली बालिकाओं का गुरुकुल रामाकृष्णा शारदा मिशन – खासौ, दिरांग !
उत्तर पूर्व राज्यों में रामाकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों से युवाओं को मिली नई दृष्टि और कामयाबी।

अरुणाचली बालिकाओं का गुरुकुल रामाकृष्णा शारदा मिशन – खासौ, दिरांग !
उत्तर पूर्व राज्यों में रामाकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों से युवाओं को मिली नई दृष्टि और कामयाबी।
श्री शारदा मठ एवं रामाकृष्णा शारदा मिशन, दक्षिणेश्वर, कलकत्ता ने सुदूर चीन सीमा से सटे खासौ, दिरांग ,अरुणाचल प्रदेश में बालिकाओं के लिए आधुनिक शिक्षा का गुरुकुल स्थापित किया है।
इस आवासीय बालिका विद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कृति और संस्कार परिमार्जन का सपना स्वर्गीय दोर्जी खांडू, चीफ मिनिस्टर अरुणाचल ने फरवरी 2008 को बालिका भवन का शिलान्यास करते हुए देखा था।
दिरांग नगर से 15 किमी दूर, खामिनी नदी के तट पर 10 एकड़ दान की भूमि में यह बालिका विद्यालय बना है।
चीफ मिनिस्टर पेमा खांडू ने अपने स्वर्गीय पिता के पदचिह्नों पर बढ़ते हुए बालिका शिक्षा के लिए दृड़ संकल्प जाहिर किया है।
पेमा खांडू, मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश ने अपने पिता के योगदान को और समृद्ध करते हुए ऐसा शिक्षा संस्थान बनाया है- आगे चलकर यह अरुणाचल और भारत के लिए मील का पत्थर साबित होना है।
यहां संचालन और शिक्षण में विश्वस्तरीय मानव संसाधन को समर्पित माता प्रवर्जिका अनिलपर्णा और उन की टीम सक्रिय है।
अंतर्राष्ट्रीय सूचना तकनीक कंपनी इंफोसिस, बंगलौर ने 30 अप्रैल 2018 को बालिका विद्यालय के लिए लाइब्रेरी और कंप्यूटर भवन के लिए वित्त प्रबंधन किया।
किरन रिजिजू , केंद्रीय मंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में इस बालिका संस्थान को लेकर अभिभूत हैं – जनप्रतिनिधि शिक्षा के महत्व को सर्वोपरि मानते हैं।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू बालिकाओं के सर्वांगीण विकास सांस्कृतिक, खेल व शिक्षा के लिए हमेशा मुखर रहे हैं।
पश्चिमी कामेंग और त्वांग जनपद के चार सौ से अधिक गांव की बालिकाओं की शिक्षा के लिए यह संस्थान वरदान बन कर उभरा है क्योंकि महिला साक्षरता सीमांत क्षेत्र में कम दर्ज हुई है।
श्री शारदा मठ एवं रामाकृष्णा शारदा मिशन देश में शिक्षा कार्य, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास, राहत और सहायता कार्य, सांस्कृतिक व अध्यात्मिक विचारों का प्रसार तथा विदेशों में भी अपनी गतिविधियां संचालित करती है।
हमारे राज्य के जनप्रतिनिधि और मंत्री भी इतने कर्त्तव्य निष्ठ और समर्पित रहें तो उत्तराखंड की प्रतिभा व क्षमता विश्व स्तरीय साबित हो सकती हैं।
—भूपत सिंह बिष्ट