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बीजेपी ने अपने मुख्यमंत्री को सौंपा दृष्टि पत्र, समान दंड संहिता कानून के लिए बनेगी कमेटी !

पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूडी की बेटी रीतु खंडूडी भूषण बनेंगी पहली महिला और नई विधानसभा अध्यक्ष !

बीजेपी ने अपने मुख्यमंत्री को सौंपा दृष्टि पत्र, लोकपाल की तरह समान दंड संहिता कानून के लिए बनेगी कमेटी !

पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूडी की बेटी रीतु खंडूडी भूषण बनेंगी पहली महिला और नई विधानसभा अध्यक्ष !

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पहली कैबिनेट मीटिंग में भारत के अन्य प्रदेशों के लिए एक आदर्श समान कानून संहिता बनाने का प्रस्ताव लिया है।

लोगों को उम्मीद है कि धामी सरकार मेडिकल पढ़ाई की फीस को यूक्रेन, चीन और अन्य देशों के अनुरूप करेगी ताकि उत्तराखंड के बच्चे मेडिकल पढ़ाई के लिए विदेश में धक्के ना खायें।

आपदा की स्थिति में उन्हें स्वदेश लाने  के लिए देश को परेशानी ना उठानी पड़े।

फिलहाल धामी सरकार ने घोषणा की है कि पूर्व न्यायाधीश की अगुवायी में बौद्धिक परिजनों की एक कमेटी समान आचार संहिता का प्रारूप बनायेगी।

उल्लेखनीय है कि त्रिवेंद्र सरकार ने भी लोकपाल लागू करने का बीड़ा अपनी  पहली कैबिनेट बैठक में लिया था  लेकिन केंद्र सरकार ने लोकपाल को ठंडे बस्ते में रखा सो उत्तराखंड में भी सुचिता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए लोकपाल ऐजेंसी परवान नहीं चढ़ पायी।

समान कानून की मांग उत्तराखंड या देश के किसी भी कोने में नहीं है और पूरे देश के लिए कानून लागू करने का अधिकार  भारत सरकार का है – विगत 75 सालों में कॉमन सिविल कॉड जैसा संविधान संशोधन लाने के लिए केंद्र सरकार सक्रिय नहीं है।

ऐसे में यूनिवर्सल एक्ट विवाह, तलाक, महिलाओं के समान अधिकार, वसीयत या ज़मीन – जायदाद बंटवारा, बच्चै को गोद लेने, शिक्षा, रोजगार में लागू करना टेढ़ी खीर है।

विभिन्न धार्मिक आस्थाओं  से जुड़े नागरिक अपनी मान्यता और प्रैक्टिस में सरकारी हस्तक्षेप स्वीकार करने को तैयार होने वाले नहीं हैं।

अच्छी खबर यह है कि उत्तराखंड को पहली विधानसभा अध्यक्षा रीतु खंडूडी भूषण मिलने वाली हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूडी की बेटी रीतु खंडूडी दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुई हैं और मुख्यमंत्री की रेस में बतायी जा रही थी।

रीतु खण्डूडी ने विधानसभा अध्यक्ष हेतु अपना परचा भरा है और शनिवार को इसकी विधिवत घोषणा होनी है।

सौरभ बहुगुणा और  रीतु खंडूडी अपनी राजनैतिक विरासत में उत्तराखंड मुख्यमंत्री परिवार से जुड़े  हैं और दोनों बीजेपी के परिवार वाद की खिलाफत वाली मुहिम में अपवाद हैं।
पदचिह्न टाइम्स।

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