केजरीवाल का मिशन उत्तराखंड !
कर्नल अजय कोठियाल मुख्यमंत्री और उत्तराखंड देश की अध्यात्मिक राजधानी। — भूपत सिंह बिष्ट।

केजरीवाल का मिशन उत्तराखंड !
कर्नल अजय कोठियाल मुख्यमंत्री और उत्तराखंड देश की अध्यात्मिक राजधानी।
— भूपत सिंह बिष्ट।
तीन सौ यूनिट का करंट लगाने के बाद आज अरविंद केजरीवार ने उत्तराखंड के भावी मुख्यमंत्री के लिए कर्नल अजय कोठियाल का नाम आगे सरका दिया है।
भाजपा के हिंदू कार्ड को कांउटर करने के लिए अब उत्तराखंड को पूरे विश्व के हिंदुओं के लिए अध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित किया जायेगा।
आम आदमी पार्टी धीरे – धीरे उत्तराखंड के आगामी चुनाव के लिए एजैंडा सेट करती जा रही है और गाहे – बगाहे भाजपा और कांग्रेस के लिए तमाम चुनौतियां खड़ी कर रही है।
अरविंद केजरीवाल ने अपनी पिछली यात्रा में उत्तराखंडवासियों को सत्ता में आने पर 300 यूनिट बिजली मुफ्त में देने का ऐलान ही नहीं किया अपितु सरकारी कोष में पड़ने वाले इस बोझ को हल करने के लिए पूरा सिस्टम बता दिया है।
आज केजरीवाल ने कर्नल कोठियाल को मुख्यमंत्री घोषित कर के उत्तराखंड के भावी मुख्यमंत्री के लिए उच्च शैक्षिक योग्यता, प्रशासनिक अनुभव, साफ सुथरी छवि और युवाओं की पसंद का मानक तय किया है।
कर्नल अजय कोठियाल भूतपूर्व फौजियों, पैरा – मिलेट्री फोर्स, युवाओं और महिलाओं की पसंद के रूप में आम आदमी पार्टी के ब्रांड एम्बेसडर बनाये गए हैं।
मिशन उत्तराखंड नव निर्माण की टैग लाइन और आओ मिलकर करें उत्तराखंड नव निर्माण के लिए कर्नल अजय कोठियाल, आम आदमी पार्टी में आज हैवीवेट प्रत्याशी बनकर उभरे हैं।
भाजपा प्रचंड बहुमत 57 विधायक होने के बाद पांच साल के लिए एक अदद मुख्यमंत्री का नेतृत्व देने में असफल साबित हुई है और पांच साल में तीन मुख्यमंत्री – तीन सोच, तीन गुट और अस्पष्ट कार्य योजना का स्पष्टीकरण देने के लिए बाध्य हुई है।
अगला मुख्यमंत्री का चेहरा निसंदेह कर्नल अजय कोठियाल से कमतर नहीं चलने वाला है। कर्नल कोठियाल 2013 की केदारनाथ आपदा में पुनर्निर्माण और यूथ फांउडेशन द्वारा आर्मी और पैरा मिलेट्री फोर्स के लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए काफी लोकप्रिय हैं।
उत्तराखंड को विश्व भर में हिंदू आस्था की अध्यात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा भी मील का पत्थर साबित होने वाली है। भाजपा पांचवे धाम के नाम पर सैनिक धाम का जुमला गढ़ती आ रही है और आम आदमी पार्टी ने एक कदम आगे बढ़कर उत्तराखंड को देश की अध्यात्मिक राजधानी बनाने का श्रेय ले लिया है।
उधर भाजपा अपने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के चार दर्जन मंदिर और चारधाम पर सरकारी पकड़ हेतु बनाये गए देवस्थानम बोर्ड और भू – कानून को हलका करने के लिए बैकफुट पर आ चुकी है।
इस से पूर्व पर्यावरणविद स्वर्गीय सुंदर लाल बहुगुणा को दिल्ली विधानसभा में भारत रत्न की उपाधि और श्रद्धांजली देकर केजरीवाल पहाड़ की राजनीति में निरंतर हलचल मचाये हुए हैं।
विद्युत दर अधिकतम छह रूपये प्रति यूनिट करने से भाजपा कोरोना काल में मंहगाई थामने में असफल रही है और ऐसे में तीन सौ यूनिट मुफ्त की राहत चुनावी मुद्दा बन रहा है।
— भूपत सिंह बिष्ट