तालिबान पार्ट – टू , अब अफगानी महिलाओं की तालिबान को चुनौती !
शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा हमारा अधिकार महिलायें सड़क पर

तालिबान पार्ट – टू , अब अफगानी महिलाओं की तालिबान को चुनौती !
शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा हमारा अधिकार।
दो सप्ताह बाद भी तालिबान सरकार बनाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं – उधर हेरात नगर में पचास से अधिक अफगानी महिलाओं ने शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा अधिकार के लिए धरना -प्रदर्शन किया।
अफगानी महिलायें किसी सूरत में तालिबान सरकार का पहला दौर 1996 -2001 का नरक नहीं भुगतना चाहती हैं। उन की मांग है कि नई तालिबान सरकार में महिलाओं की नौकरी और रोजगार बाबस्ता रहे।
15 अगस्त को काबुल में कब्जा जमाने के बाद तालिबान नई सरकार को लेकर पेशोपश में है — माना जा रहा है कि मुस्लिम धर्म गुरू मुल्ला हेबतुल्ला अखुंदजादा के नेतृत्व में सरकार का गठन होगा।
पाकिस्तान ने यूएनओ में गुहार लगायी है कि तालिबानी सरकार के लिए राशन, दवाई और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए यूरोपीय देश मदद को आगे आयें। सवा लाख से अधिक लोग अफगानिस्तान छोड़कर जा चुके हैं और बिना अमेरिकी सलाह के यूरोपियन देश तालिबान के साथ संबंध कायम नहीं कर रहे हैं।
तालिबानी अब रूस, चीन और पाकिस्तान से कुछ नयी आर्थिक मदद की उम्मीद नहीं पाल सकते हैं। काबुल हवाई अड्डे को फिर से खोलने के लिए तालिबान ने कतर और मिश्र से मदद मांगी है।
अमेरिकी सेना के हटते ही अब अफगानिस्तान में तमाम आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक मसले खड़े हो रहे हैं। तालिबान के खिलाफ महिलाओं का मुखर होना और नई सरकार में भागीदारी की मांग तालिबान सरकार – 2 के लिए मुफीद नहीं है।
तालिबान का मुकाबला पंजशीर घाटी में जारी है – तालिबान के खिलाफ एनआरएफ के मिलिसिया लड़ाके और अफगानिस्तान सेना के पूर्व जवान मोर्चा खोले हुए हैं। अफगानिस्तान के पूर्व रक्षामंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मदी ने दावा किया है कि तालिबान के 34 जवान मारे गए और साठ से अधिक घायल हुए हैं।
पदचिह्न टाइम्स