नैनीताल में प्रथम बालमित्र थाना खुला : बाल संरक्षण आयोग की पहल रंग लाई !
डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने हल्द्वानी परिसर में किया उदघाटन।

नैनीताल में प्रथम बालमित्र थाना खुला : बाल संरक्षण आयोग की पहल रंग लाई !
डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने हल्द्वानी परिसर में किया उदघाटन।
आज नीलेश आनंद भरणे, पुलिस उपमहानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र नैनीताल ने जनपद नैनीताल हल्द्वानी परिसर में नवनिर्मित बालमित्र पुलिस थाने का लोकार्पण किया।
थाने का निर्माण उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दिशा निर्देशों एवं मानकों के अनुरूप किया गया है।
सीआइडी और यूनिसेफ के द्वारा बाल मित्र थाना के लिए 21 मानक बनाये गये हैं। इसका उद्देश्य उन बच्चों का मानसिक तनाव को कम करना है जिन्हें किन्हीं कारणों से पुलिस थाना आना पड़ता है। अनजाने में अपनी दिशा से भटक जाने वाले बच्चों को इन थानों के माध्यम से सही दिशा देने के प्रयास किये जायेंगे।
बाल मित्र थाने में महिला उपनिरीक्षक व महिला पुलिस कर्मी की नियुक्ति की गई है तथा बाल आयोग के सदस्य व बेहतर मार्गदर्शक काउंसलर उपलब्ध रहेंगे। बच्चों को अपराध से दूर रखने की हर संभव कोशिश करेंगे। बाल मित्र थाने में बच्चों की सुविधा अनुरुप उनके खेलने के लिए झूलों और खिलौनों की व्यवस्था भी की गई है।
बाल मित्र थाने में बच्चो को जागरूक रखने के लिए Good Touch और Bad Touch में अंतर के बारे में भी जानकार बनाया जायेगा।
इमरजैंसी सहायता हेतु 1098 या 112 में फोन डायल करके सूचित करने के अलावा जिला बाल संरक्षण समिति हल्द्वानी के मोबाइल 9756490227 तथा बाल कल्याण समिति का नंबर 9557761277 जारी किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों को किशोर न्याय अधिनियम 2015 (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) के अनुरूप कार्रवाई करने तथा बच्चों के हित में अपनी भूमिका निभानी है।
बच्चों के साथ थानों में मित्रवत व्यवहार और उनके हितों को प्राथमिकता देने का दावा भी अधिकारियों ने किया है।
पदचिह्न टाइम्स।