आधुनिक डिजिटल बैंकिंग ऍप्स यूपीआई ने मोबाइल फोन को बैंक बना दिया !
यूपीआई मोबाइल ऍप्स से एक लाख रूपये प्रतिदिन और बीस ट्रांजेक्सन मुफ्त कर सकते हैं।

आधुनिक डिजिटल बैंकिंग ऍप्स यूपीआई ने मोबाइल फोन को बैंक बना दिया !
यूपीआई मोबाइल ऍप्स से एक लाख रूपये प्रतिदिन और बीस ट्रांजेक्सन मुफ्त कर सकते हैं।
आइये जानते है कि डिजिटल भुगतान सेवा के पीछे क्या तकनीक काम कर रही है – यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस (UPI) क्या है ?
अब हमारे देश में डिजिटल माध्यम से भुगतान करने की दर में भारी वृद्धि हुई है।
डिजिटल या मोबाइल फोन से पैसे का लेन – देन बहुत आसान है।
मोबाइल बैंकिंग एप या भीम एप , गूगल पे , पे टीएम, फोन पे इत्यादि से कोई ना कोई भुगतान हम करते आ रहे हैं।
डिजिटल लेन – देन से बैंक कामकाज और करेंसी ढोने के बोझ व रिस्क से भारी राहत महसूस हो रही है।
यूपीआई डिजिटल भुगतान में किस तरह क्रांतिकारी है!
यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस (Unified Payments Interface) – यूपीआई एक ऐसा सिस्टम है, जिस में हम अपने बैंक खातों को एक मोबाइल एप्लीकेशन, में जोड़कर उपयोग करते हैं।
यूपीआई से कई बैंकिंग कार्य सुगमता से होने लगे हैं।
तीव्र गति से पैसे का लेन – देन व व्यावसायिक भुगतान अब एक सरल और सुगम माध्यम से हो रहे हैं ।
अब धन राशि संग्रहण 24 घंटे और 365 दिन की सुविधा मोबाइल फोन पर उपलब्ध हो चुकी है।
प्रत्येक बैंक का अपना यूपीआई – यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस ऍप एंड्राइड , विंडोज व iOS मोबाइल प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं।
नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI), प्रमुख संस्था है।
एनपीसीआई विधिक संस्था को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया तथा इंडियन बैंक्स एसोसिएशन द्वारा पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट – 2007 के तहत देश में एक स्थिर भुगतान तथा निपटान संरचना बनाने हेतु बनाया गया है।
एनपीसीआई ने रिटेल लेन – देन के लिए यूपीआई – यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस उत्पाद बनाकर भारतीय बैंकिंग उद्योग में क्रांति की है।
अब चैक जारी करने और करेंसी लेकर घूमने का प्रचलन देश में काफी कम हो गया है।
नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) ने अपने 21 सदस्य बैंको के साथ 11 अप्रैल 2016 को यूपीआई पायलट प्रोजेक्ट जारी किया।
25 अगस्त 2016 से मेंबर बैंको ने अपने यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस (UPI) ऍप्स को गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से आम पब्लिक के लिए प्रस्तुत किया।
यूपीआई – यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस की ख़ास बाते —
मोबाइल फोन द्वारा अब तुरंत धन राशि अंतरण— वर्ष के 365 दिन तथा चौबीस घंटे उपलब्ध हो गई है। मोबाइल एप्लीकेशन से विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसक्शन संभव है।
सुरक्षा के साथ सुविधाजनक तुरंत बैंक भुगतान करते हैं।
बढ़ी हुई सुरक्षा के साथ ग्राहक को डेबिट कार्ड नंबर , खाता क्रमांक, आईएफएससी नंबर लिखने से छुटकारा मिल गया।
क्विक रिस्पोंस – QR कोड को स्कैन कर भुगतान सुविधा है।
बिल भुगतान, काउंटर पेमेंट्स , QR कोड (स्कैन व पे) भुगतान का सुविधाजनक तरीका है।
हर तरह के दान या भुगतान प्राप्त करने की त्वरित सुविधा मिलती है।
किसी भी शिकायत के लिए मोबाइल ऍप पर सुविधा है।
यूपीआई – यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस के माध्यम से छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को लेन – देन में भारी राहत मिली है।
बैंकिंग लेन – देन के अलावा यूपीआई एप पर खातों की बैलेंस जानकारी, पिछले वित्तीय ट्रांसक्शन का विवरण, मोबाइल बैंकिंग रजिस्ट्रेशन करते हैं।
वन टाइम पासवर्ड – OTP भेजने हेतु, नया पिन बनाने या बदलने और शिकायत दर्ज कराने के लिए भी होता है।
यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस ( यू पी आई ) के लिए स्मार्ट फोन और एसएमएस सुविधा वाला बैंक खाता जरूरी है।
मोबाइल पिन (MPIN) सेट करने हेतु डेबिट कार्ड भी आवश्यक है।
यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस ( यू पी आई ) के माध्यम से किये जाने वाले ट्रांसक्शन अधिकतर बैंको में फिलहाल निशुल्क हैं।
यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस ( यू पी आई ) के माध्यम फंड्स अंतरण सीमा –
यूपीआई ट्रांसक्शन सीमा फिलहाल प्रतिदिन एक लाख निर्धारित है। यूपीआई ट्रांसक्शन्स की संख्या बीस प्रतिदिन है।
यह सीमा समय समय पर बदली जा सकती है।
यूनिफिएड पेमेंट इंटरफ़ेस ( यू पी आई ) के माध्यम से डिजिटल भुगतान अब अत्यंत सरल व सुविधाजनक हैं।
अब आपको अपने या अन्य किसी के बैंक खाते की जानकारी रखने की जरुरत नहीं है।
भुगतान का सारा कार्य प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर या वर्चुअल आई डी से हो जाता है।
आज ऑन लाइन धन राशि भेजने या प्राप्त करने का यूपीआई सबसे सुगम साधन बना है।
— संदीप एम खानवलकर,
पूर्व बैंकर, उत्तराखंड।