
कर्मचारी भविष्य निधि ब्याज दर घटाने पर मोदी सरकार की आलोचना !
डीएमके और तृणमूल कांग्रेस ने कर्मचारियों की जमा को फिर से 8.5 % करने की आवाज उठायी।
लोकसभा में बजट के दूसरे चरण की शुरूआत पर डीएमके और तृणमूल कांग्रेस ने मोदी सरकार के कर्मचारी विरोधी रूख की आलोचना की।
विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही केंद्र सरकार आम आदमी का जीवन मुश्किल कर रही है। कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) डिपोजिट की दर 8.5% से घटाकर 8.1% कर दिया है।
सातवें वेतन मान में कम से कम वेतन 18000- और पैंशन 9000- तय करने वाली सरकार अपने वायदे से पीछे हट रही है।
सरकार ईपीएफ में कम से कम पैंशन एक हजार दे रही है और इसे तत्काल तीन हजार करके श्रमिक परिवार को राहत दी जाए।
डीएमके सांसद टीआर बालू ने सरकार को आगाह किया है कि वो कर्मचारियों को आंदोलन छेड़ने की ओर धकेल रही है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाये हैं कि सरकार सभी उपक्रमों को बेचकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है।
एयर इंडिया, नीलांचल इस्पात निगम की बिक्री के बाद अब जीवन बीमा निगम, सरकारी बैंक, 36 पब्लिक अंडर टेकिंग को बेचने की तैयारी हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि जमा की ब्याज दर 8.1% भी जानबूझकर कम की गई है।
सांसद सौगत राय ने कहा – सरकार एयरपोर्ट और बंदरगाह प्राइवेट कंपनियों को बेच रही है। रेलवे में भी प्राइवेट हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना चल रही है।
https://padchihnatimes.com/govt-not-serious-for-senior-citizen-and-deposit-interest-rate/
पदचिह्न टाइम्स।