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कुछ इंजीनियर चपरासी और अर्दली क्यूँ बनना चाहते हैं, हम हालात बदलेंगे !

विश्वेश्वरय्या टेक्नोलिजिकल यूनिवर्सिटी बेलगावी कर्नाटक के कुलपति डा एस विद्याशंकर ने उठाया बीड़ा।

कुछ इंजीनियर चपरासी और अर्दली क्यूँ बनना चाहते हैं, हम हालात बदलेंगे !

विश्वेश्वरय्या टेक्नोलिजिकल यूनिवर्सिटी बेलगावी कर्नाटक के कुलपति डा एस विद्याशंकर ने उठाया बीड़ा।

भारत में ये आम धारणा घर करती जा रही है – डिग्रीधारी इंजीनियर इसलिए बेरोजगार घूम रहे हैं क्योंकि उन के पास वांछित कौशल का अभाव है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 10 प्रतिशत इंजीनियर ही बाजार की मांग के अनुसार खरे उतर पाते हैं।

विश्वेश्वरय्या टेक्नोलिजिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा एस विद्याशंकर ने कहा है – ये बहुत दु:खद है कि कुछ डिग्रीधारी इंजीनियर चपरासी और अर्दली की पोस्ट पर नौकरी करना चाहते हैं।

कर्नाटक टेक्नीकल यूनिवर्सिटी अब इन हालातों को बदल रही है।

अध्यापन और सीखने की प्रक्रिया को बदला जा रहा है ताकि अब इंजीनियरों को नौकरी बाजार में धक्के ना खाने पड़ें।

अब इंजीनियरिंग के छात्र विभिन्न कौशल में पारंगत होकर डिग्री प्राप्त करेंगे ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू करें।

टीम लीडर बनें और लोगों को रोजगार मुहैया करायें।

अब आनलाइन कक्षाओं से कौशल बढ़ाने की योजनायें हैं और छात्रों को कक्षा तक सीमित नहीं रखना है।

पदचिह्न टाइम्स।

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