हरिद्वार लोकसभा आखिर में किस की लहर उठायेगी तूफान !
राज्य बनने के बाद पिछले चार लोकसभा चुनाव में बीजेपी दो बार जीती और दो बार हारी।

हरिद्वार लोकसभा आखिर में किस की लहर उठायेगी तूफान !
राज्य बनने के बाद पिछले चार लोकसभा चुनाव में बीजेपी दो बार जीती और दो बार हारी।
लोकसभा आम चुनाव के पहले चरण में 102 सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना
है। इस में उत्तराखंड की सभी 5 सीट, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 8 सीट, तमिलनाडु की
सभी 39, राजस्थान – 12, मध्य प्रदेश – 6, महाराष्ट्र -5, पश्चिम बंगाल 3 और उत्तरपूर्व के
8 राज्यों की 15 लोकसभा सीटों पर मतदान पूरा कराया जाना है।
अब हरिद्वार लोकसभा सीट की चर्चा करें तो उत्तराखंड बनने के बाद 2004 में
ये सीट समाजवादी पार्टी ने और 2009 में कांग्रेस के हरीश रावत ने 1 लाख 27 हजार के
अंतर से जीती थी। तब कुल मतदान 61 फीसदी हुआ।
उस के बाद से बीजेपी के रमेश पोखरियाल निशंक 2014 और 2019 में
हरिद्वार लोकसभा में विजयी रहे।
लोकसभा- 2019 हरिद्वार सीट पर 69 फीसदी मतदान हुआ। बीजेपी को 52.37 फीसदी
कुल 6 लाख 65 हजार 674 वोट मिले।
कांग्रेस के अंबरीश कुमार को 32 फीसदी कुल 4 लाख 6 हजार 945 वोट मिले।
तब अन्य के पक्ष में 15 प्रतिशत से अधिक वोट आये हैं।
अब 2022 विधानसभा चुनाव पर हरिद्वार सीट का आंकलन करें तो बीजेपी के वोट
11 प्रतिशत घटकर 41 फीसदी पर आ गए हैं। इस कारण हरिद्वार लोकसभा की
14 विधानसभा में बीजेपी 6, कांग्रेस 5, बसपा 2 और एक सीट पर निर्दलीय
उमेश कुमार विजयी रहे।
विधानसभा में बीजेपी और कांग्रेस का अंतर 2019 की तुलना में ढाई लाख से
घटकर 42 हजार तक नीचे आ गया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को
हरिद्वार लोकसभा में 5,71,491 और कांग्रेस को 5,30,037 वोट हासिल हुए हैं।
अन्य के पक्ष में 3 लाख से अधिक वोट हैं।
बीजेपी को तीसरी बार सीट निकालने के लिए इन 3 लाख वोटरों को
साधना जरूरी है।
बीजेपी ने सत्ता विरोधी लहर हटाने के लिए पूर्व मुख्य त्रिवेंद्र सिंह रावत को
मैदान में उतारा है।
कांग्रेस के वीरेंद्र सिंह रावत पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे हैं । कांग्रेस प्रत्याशी की
बहन श्रीमती अनुपमा रावत हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक हैं।
विधानसभा आंकड़ों में बीजेपी डोईवाला, ऋषिकेश, हरिद्वार नगर, लक्सर,
बीएचईएल और धर्मपुर में मजबूत है।
कांग्रेस ज्वालापुर, पिरानक्लीयर , मंगलौर, झबरेड़ा, भगवानपुर, हरिद्वार ग्रामीण विधानस
और खानपुर में बीजेपी पर बढ़त दिखा चुकी है।
खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार तथा मंगलौर और लक्सर विधानसभा
पर बसपा का कब्जा है।
हरिद्वार जनपद की 11 विधानसभा सीट और देहरादून की 3 विधानसभा सीटें
हरिद्वार लोकसभा में आती है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत की चुनौती बीजेपी के लिए तीसरी बार सीट
जीतने की है।
हरीश रावत बेटे को कांग्रेस की राजनीति में स्थापित करने की
चुनौती उठा रहे हैं।
निर्दलीय उमेश कुमार बीजेपी और कांग्रेस को मात देकर कई निहितार्थ
साधना चाहते हैं। आंकड़ों के अनुसार हरिद्वार सीट पर वोटर का मन पढ़ना आसान नहीं है।
पदचिह्न टाइम्स ।