इतिहासखबरसारराजनीति

उत्तराखंड में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल आखिर कितने मंत्री बनेंगे !

पिछली बार बीजेपी ने पांच पूर्व कांग्रेसियों को मंत्री बनाया - अब 47 में दर्जन विधायक कांग्रेसी और निर्दलीय पृष्ठभूमि के हैं।

उत्तराखंड में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल आखिर कितने मंत्री बनेंगे !
पिछली बार बीजेपी ने पांच पूर्व कांग्रेसियों को मंत्री बनाया – अब 47 में दर्जन विधायक कांग्रेसी और निर्दलीय पृष्ठभूमि के हैं।

उत्तराखंड में नई सरकार के गठन की चर्चा हर ओर है – मुख्यमंत्री ही नहीं, कैबिनेट गठन के तार सुलझाने भी सरल नहीं हैं।
इस बार 10 पूर्व कांग्रेसी और 2 पूर्व निर्दलीय बीजेपी के टिकट पर जीत कर आए हैं।

SARITA ARYA MLA NAINITAL

इन 12 मेहमानों को मंत्री पद से सम्मानित किया जाता है तो विगत तीन दशकों से बीजेपी का डंडा – झंडा उठा रहे विधायकों के साथ सीधे नाइंसाफी होती है क्योंकि बीजेपी के नए सदस्य कांग्रेस सरकार में भी सत्ता सुख उठा चुके हैं।

पिछली सरकारों में सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य मंत्री रहे हैं और उन के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए यशपाल आर्य और हरक सिंह रावत कैबिनेट मंत्री बने और चुनाव से पहले फिर कांग्रेस में लौट गए।

2022 की पांचवी विधानसभा में यशपाल आर्य फिर जीतकर आए हैं और हरक सिंह रावत ने चुनाव नहीं लड़ा है।

SATPAL MAHARAJ MLA CHAUBATTAKHAL

कांग्रेस छोड़कर चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय मात्र 951वोट से जीते हैं और टिहरी जनपद से सुबोध उनियाल के साथ मंत्री पद की दौड़ में हैं।

बीजेपी में शामिल पूर्व महिला प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य, शैला रानी रावत और रेणु बिष्ट भी महिला कोटे से रेखा आर्य के साथ मंत्री पद की दौड़ में हैं और चारों महिला विधायक पूर्व कांग्रेसी हैं।

दूसरी बार की विधायक बीजेपी की रीतु खंडूडी भी मंत्री पद की दौड़ में हैं – उन के पति मोदी सरकार में वरिष्ठ सचिव हैं तो पिता जनरल खंडूडी पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।

सतपाल महाराज इस बार मुख्यमंत्री दौड़ में भी हैं लेकिन लाख टके का सवाल यह भी है कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल नेताओं को नेतृत्व मिलता है तो धन सिंह रावत, बिशन सिंह चुफाल, बंशीधर भगत की सिफारिश कब होगी !

UMESH SHARMA MLA RAIPUR

कांग्रेस मूल के बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ दूसरी बार बीजेपी टिकट पर रिकार्ड 30 हजार वोट से जीते हैं और जाहिर है मंत्री बनना चाहते हैं।

कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे सौरभ बहुगुणा बीजेपी टिकट पर दूसरी बार सितारगंज से करीब दस हजार वोट से जीतकर आए हैं।

अब इन दर्जन भर विधायकों को बीजेपी में बांधे रखना हर मुख्यमंत्री के लिए खुली चुनौती है।
– भूपत सिंह बिष्ट

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!