लेखक और चरित्र अभिनेता ईनामुल हक के मुंबई सिनेमा मे दो दशक !
एन एस डी दिल्ली से पास आउट ईनामुल हक ने फिल्मों में अपने संजीदा अभिनय से किरदारों की अटूट छाप छोड़ी।

लेखक और चरित्र अभिनेता ईनामुल हक के मुंबई सिनेमा मे दो दशक !
एन एस डी दिल्ली से पास आउट ईनामुल हक ने फिल्मों में अपने संजीदा अभिनय से किरदारों की अटूट छाप छोड़ी।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में मुंबई सिनेमा के चर्चित अभिनेता ईनामुल हक अपने साथी जमील खान के साथ पत्रकारों से वार्ता हेतु
हाजिर हुए ।

अपने दो दशक के फिल्मी सफर को ईनामुल हक ने बारीकी से सांझा किया । सहारनपुर के मूल निवासी 2006 में अपना भाग्य आजमाने मुंबई पहुंचे । भारत के प्रतिष्ठित नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पास आउट ईनामुल हक ने लेखन से शुरुआत की ।
पढ़ने के शौक ने लेखन और अभिनय दोनों को तराशने में सहयोग किया ।

ईनामुल हक मानते हैं कि कैरियर में उतार – चढ़ाव ने उन्हें समझदार बना दिया है और वे फिल्मों में टाइप अभिनय नहीं
करना चाहते हैं । इस कारण उन्हें फिल्में कम मिली हैं लेकिन उनके निभाए किरदार कालजयी हो चुके हैं ।
जोली एल एल बी -2 में पंडित के वेश में छिपे कश्मीरी आतंकवादी का किरदार उन्हें समर्थ कलाकार की श्रेणी में
पहुंचा देता है । उनकी संवाद अदायगी काबिले तारीफ रहती है ।

अक्षय कुमार के साथ उनकी दूसरी फिल्म एयर लिफ्ट में इराकी मेजर खलाद बिन जायद का रोल भी दर्शक कभी नहीं
भूलते हैं । इराकी किरदार को निभाने के लिए ईनामुल हक ने संवाद अदायगी में उच्च स्तर का कीर्तिमान बनाया है और
उन्हें अनेक बार पाकिस्तानी कलाकार भी समझा गया ।

ईनामुल हक की अन्य फिल्मों में नक्काश , फिल्मीस्तान और वेब सीरीज महारानी आदि कैरियर में मील का पत्थर हैं ।
ईनामुल हक दर्शकों से पिक्चर हाल में आकर फिल्म देखने का आह्वान करते हैं – उन्हें शिकायत है की टिकट की दर
दक्षिण भारत की तरह कम नहीं रखी गई हैं । पॉप कॉर्न और अन्य खाने के महंगे रेट ने आम आदमी को मल्टीप्लेक्स हाल
से दूर कर दिया है । लोगों को मोबाईल और घर पर सिनेमा देखना कम करना चाहिए – ये मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ठीक
नहीं है ।
- भूपत सिंह बिष्ट , स्वतंत्र पत्रकार ।



