
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ बनेंगे सुप्रीम कोर्ट के 50 वें मुख्य न्यायाधीश !
चीफ जस्टिस यूयू ललित ने भेजी सरकार को सिफारिश, 8 नवंबर को कार्यकाल पूरा।
भारत के अगले चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट पद पर न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ की ताजपोशी तय हो गई है।
आज चीफ जस्टिस यूयू ललित ने अपने उत्तराधिकारी की औपचारिक स्वीकृति भारत सरकार को दी।
नए मुख्य न्यायाधीश 9 नवंबर को पदभार संभालेंगे और जस्टिस चंद्रचूड़ का कार्यकाल 11 नवंबर 2024 तक रहेगा।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ विगत 13 मई 2016 से सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत हैं।
इस से पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे।
1998 में अतिरिक्त सोलिस्टर जनरल रहने से पहले वरिष्ठ वकील चंद्रचूड़ बंबई और सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर चुके हैं।
दिल्ली सैंट स्टीफन कालेज से अर्थशास्त्र में स्नातक जस्टिस चंद्रचूड़ दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी हैं।
एलएलएम और विधि शास्त्र में डाक्टरेट जस्टिस चंद्रचूड़ ने हावर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका से किया है।
जस्टिस चंद्रचूड़ अक्सर विदेशी यूनिवर्सिटीज और संयुक्त राष्ट्र संघ के मानव अधिकार, श्रम संगठन, पर्यावरण, वर्ल्ड बैंक, ऐशियन डैवलपमेंट बैंक जैसी संस्थाओं में विधिक भाषणों के लिए बुलाये जाते हैं।
जस्टिस चंद्रचूड़ मुंबई यूनिवर्सिटी और विदेशी यूनिवर्सिटी में विजिटिंग प्रोफेसर पद पर भी रहे हैं।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ महिला समानता अधिकारों पर अनेक निर्णयों के लिए जाने जाते हैं – एकल मां को एबार्शन अधिकार, महिला अधिकारियों को सेना में स्थायी कमीशन, सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का अधिकार देने के निर्णय जस्टिस चंद्रचूड़ ने दिए हैं।
प्राइवेसी समर्थक जस्टिस चंद्रचूड़ ने चर्चित राम जन्मभूमि मुकदमें का निर्णय दिया है।
ज्ञानवापी मस्जिद मुकदमें में वाराणसी जिलाधिकारी को कथित शिवालय की सुरक्षा और मुस्लमानों को नवाज जारी रखने का संतुलित निर्णय के लिए भी सराहे गए हैं।
जस्टिस चंद्रचूड़ आपातकाल में जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार को संरक्षित करने का निर्णय देने वाले चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट वाईवी चंद्रचूड़ के सुपुत्र हैं।
– भूपत सिंह बिष्ट