फिर बहक गई कंगना रनौत की जुबां !
1947 की आज़ादी भीख में मिली है - असली आज़ादी 2014 से।

फिर बहक गई कंगना रनौत की जुबां !
1947 की आज़ादी भीख में मिली है – असली आज़ादी 2014 से।
सिने तारिका कंगना रनौत फिर से सोशल मीडिया में ट्रोल हो रही हैं। इस बार एक संवाद कार्यक्रम में बहक कर कह बैठी – 15 अगस्त 1947 की आज़ादी तो भीख में मिली है और असली आज़ादी देश को मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साल 2014 में मिली।
कंगना रनौत को वाई श्रेणी की सुरक्षा और कुछ दिन पहले पदमश्री सम्मान से नवाजा गया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के मंडी जनपद हिमाचल प्रदेश की मूल निवासी फिल्मी हीरोइन कंगना रनौत पिछले कुछ वर्षों से मोदी प्रशंसक के रूप में जाना जाती हैं और उनके बयान और ट्वीट अक्सर विरोधाभास पैदा करते हैं।
पूरा देश स्वतंत्रता के 75 वें साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज़ादी का अमृत महोत्सव उमंग और उल्लास से मना रहा है। हर प्रदेश में आज़ादी के वीर सैनानियों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
सरदार पटेल से लेकर महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोष, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के कार्यक्रम स्कूल – कालेज और सार्वजनिक स्थलों में निरंतर आयोजित हो रहे हैं।
कंगना रनौत का बयान 1947 की आजादी और 75 वें आज़ादी अमृत महोत्सव की भावना के खिलाफ माना जा रहा है।
भाजपा सांसद वरूण गांधी ने कंगना रनौत के बयान को देश विरोधी करार दिया है। अपने ट्वीटर एकांउट में कंगना रनौत का वीडियो जारी करते हुए सांसद वरूण गांधी ने कहा लोग लाखों लोगों के त्याग और बलिदान से मिली आजादी को नहीं भूल सकते और कुछ लोग आजादी के विषय में शर्मनाक और देशद्रोही बयान दे रहे हैं।
उधर राज्यसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर आनंद शर्मा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आग्रह किया है कि कंगना रनौत के शर्मनाक बयान के लिए पदम श्री की उपाधि वापस ली जाए। आनंद शर्मा भी हिमाचल प्रदेश के हैं।