केरल वामपंथी सरकार स्कूल में छात्र – छात्राओं की समान ड्रेस !
श्री शंकराचार्य यूनिवर्सिटी आफ संस्कृत, कलाड़ी ने किया सोशल आडिट।

केरल स्कूल में छात्र – छात्राओं की समान ड्रेस !
श्री शंकराचार्य यूनिवर्सिटी आफ संस्कृत कलाड़ी ने किया सोशल आडिट।
केरल एक मात्र प्रदेश है – जहां वामपंथी सरकार दुबारा चुनाव जीतकर आयी है। अन्यथा भाजपा के उदय के साथ वामपंथ का अवसान शुरू हो गया।
केरल सरकार कोरोना काल में अपनी हेल्थ सेवाओं के लिए देशभर में अग्रणी रही और 90 वर्ष से ऊपर के कोरोना मरीज ठीक होकर घर लौटे, यह हास्पीटल की सेवा और समर्पण की बड़ी उपलब्धि है।
इस बार केरल सरकार प्राइमरी कक्षा के बच्चों के लिए एक जैसी स्कूली ड्रैस के लिए वाह – वाही बटोर रही है। एर्नाकुलम के 106 साल पुराने स्कूल में छात्राओं को स्कर्ट की जगह घुटने तक लंबी पैंट पहनने की व्यवस्था की गई है।
2018 में शुरू किया गया प्रयोग अब पूरे केरल में छात्र – छात्राओं की एक रूपता के लिए सराहा जा रहा है। केरल की छात्रायें अपनी नई ड्रेस से गदगद हैं और अब वे सारी शारीरिक गतिविधियों में और अधिक सहजता से भागीदारी कर रही हैं।
उन्हें स्कर्ट के बंधन से मुक्ति मिली है और स्कूल की प्रिंसपल ने इस सफलता का श्रेय अभिभावकों को दिया है।
बच्चों के सामाजिक विकास के लिए श्री शंकराचार्य यूनिवर्सिटी आफ संस्कृत, कलाड़ी ने सोशल आडिट किया है और बच्चों की क्षमता व स्किल बढ़ाने के सुझाव दिए हैं।
अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने बच्चों की डायरी में माँ की जगह पिता द्वारा बेटी के लिए नाश्ता बनाने का चित्र प्रकाशित करने का संकल्प लिया है।
उल्लेखनीय है कि केरल साक्षरता में नंबर वन है और छात्र – छात्राओं को एक समान समावेशी शिक्षा के अवसर देने के लिए केरल की वामपंथी सरकार अब नए प्रयोग करने में सक्रिय है।
कोरोना में बेहतर देखरेख के लिए केरल में वामपंथी सरकार को दुबारा सत्ता में आने का अवसर मिला है।
पदचिह्न टाइम्स।