
ईडी की आंच : केरल सरकार के पूर्व मंत्री ने हाईकोर्ट में डाली याचिका !
केरल के विधायकों ने ईडी के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।
केरल सरकार के पूर्व वित्त मंत्री टीएम थामस इसाक ने केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की है कि एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट बार बार पेश होने के नोटिस भेज रही है।

ईडी स्पष्ट करे फारेन एक्सचैंज मैनेजमैंट एक्ट फेमा के किस कानून का उल्लंघन हुआ है या फिर नोटिस रद्द करे। ईडी अब बीजेपी का पोलिटिकल टूल बनकर विपक्षी नेताओं और सरकार की छवि धूमिल कर रहा है।
उल्लेखनीय है केरल सरकार ने बजट के बाहर वित्त प्रबंधन के लिए मसाला बांड जारी किए हैं।
केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमैंट फंड बोर्ड द्वारा जारी मसाला बांड की जांच ईडी कर रही है।
पूर्व वित्त मंत्री ने हाईकोर्ट में गुहार लगायी है – ईडी के सामने पेश होने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन स्पष्ट होना जरूरी है कि बोर्ड और मैंने फेमा के किस कानून को तोड़ा है।
मसाला बांड जारी करने में रिजर्व बैंक आफ इंडिया की स्वीकृति है और अभी तक फेमा नियमों का उल्लंघन करने का कोई वाद आरबीआई ने दर्ज नहीं किया है।
ईडी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर विपक्षी नेताओं और सरकार के खिलाफ माहौल बना रही है।
ईडी के खिलाफ अब लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के विधायकों ने भी केरल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।
केके शैलजा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, ई चंद्रशेखरन, रामचंद्र कड्डनपल्ली,एम मुकेश और आई बी सतीश विधायकों ने ईडी की मसाला बांड जांच कार्यवाही को घरेलु वित्त संस्था केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमैंट फंड बोर्ड की गुडविल को खराब करने वाला कहा है।
ईडी के वकील ने केरल हाईकोर्ट को बताया कि अगली 17 अगस्त तक टीएम थामस इसाक को ईडी के सामने पेश होने की जरूरत नहीं है।
केरल के नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन ने भी ईडी कार्रवाई को गैर जरूरी बताया है। मसाला बांड से ऋण जुटाना मनी लांड्रिंग मामला नहीं है।
पदचिह्न टाइम्स।