शेयर बाजार में निवेश हुआ महंगा अब सरकार लेगी 20 फीसदी कर !
भले ही 3 लाख तक आयकर शून्य है लेकिन शेयर बाजार की आय पर चुकाना होगा और ज्यादा कर।

शेयर बाजार में निवेश हुआ महंगा अब सरकार लेगी 20 फीसदी कर !
भले ही 3 लाख तक आयकर शून्य है लेकिन शेयर बाजार की आय पर चुकाना होगा और ज्यादा कर।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के प्रस्तावित बजट में शेयर बाजार के निवेशकों को
अब अधिक आयकर चुकाना है।
एक साल के भीतर शेयर कारोबार में लाभ कमाने वालों को अब 20 प्रतिशत
टैक्स भरना है।
पहले शार्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स 15 प्रतिशत की दर से चुकाना पड़ता था।
इस प्रकार शेयर बाजार से अतिरिक्त आय का सपना देखने वाले आम आदमी को
इस बजट ने काफी निराश किया है।
शेयर मार्केट में छोटे निवेशकों को इस वर्ष के बजट में निराशा ही हाथ लगी है।
बैंकों में कम ब्याज के चलते लोग अतिरिक्त आय हेतु शेयर बाजार में लोग
अपनी बचत का निवेश करते हैं।
एक साल के बाद शेयर बेचने वाले निवेशक को भी अब12.5 प्रतिशत
यानि 2.5 फीसदी बढ़ाकर टैक्स चुकाना है।
पहले लांग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स दर 10 प्रतिशत तय थी। मोदी सरकार बजट में
हर आर्थिक क्षेत्र से आय बढ़ाने में संकल्पित दिखती है।
लांग टर्म कैपिटल गेन पर पहले एक लाख तक आय कर मुक्त थी और इसे अब मामूली
एक लाख पचीस हजार यानि 25 हजार की छूट दी गई है।
मकान बिक्री यानि प्रोपर्टी डीलिंग से लाभ कमाने वालों को अब 12.5 प्रतिशत की दर से
टैक्स चुकाना होगा। संपत्ति को होल्ड रखने का समय घटाकर अब दो साल
कर दिया गया है।
अब मकान विक्रेता को संपत्ति क्रय पर मिलने वाली इंडेक्शेसन वृद्धि की छूट यानि
आपके निवेश पर मुद्रा स्फीति का लाभ हटाया जा रहा है यानि क्रय मूल्य पर हासिल
लाभ पूरा कैपिटल टैक्स के दायरे में आ जायेगा।
एक आंकलन के अनुसार 4 करोड़ वेतन और पैंशनधारी अब शेयर बाजार में
मंहगें निवेश के लिए मजबूर होंगे।
शेयर बाजार से होने वाली आय कैपिटल गेन श्रेणी में है और स्पेशल टैक्स के
दायरे में आती है।
अब चुनाव के बाद सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने में लग गई है और
कैपिटल मार्केट शेयर और प्रॉपर्टी कारोबार को भी टारगेट किए हुए है।
पदचिह्न टाइम्स।