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अरूणाचल से जुड़ी हैं सिने तारिका माधुरी दीक्षित की हसीन यादें !

तिब्बत सीमा पर स्थित बर्फीली माधुरी झील में सेना का शौर्य देखने भी आते हैं पर्यटक।

अरूणाचल से जुड़ी हैं सिने तारिका माधुरी दीक्षित की हसीन यादें !
तिब्बत सीमा पर स्थित बर्फीली माधुरी झील में सेना का शौर्य देखने भी आते हैं पर्यटक।

 

माधुरी दीक्षित की याद में ” संगत्सर लेक” को माधुरी लेक के

नाम से जाना जाता है।

अरूणाचल प्रदेश का कामेंग सेक्टर चीन अधिग्रहीत तिब्बत सीमा से सटा है?
इस मनोरम इलाके में बहुत ही ऐतिहासिक त्वाँग नगर स्थित है।

 

1962 के आक्रमण में इस पहाड़ी नगर पर चीन ने कब्जा जमा लिया था

लेकिन आज  आधुनिक वास्तुशिल्प ने त्वाँग को नई पहिचान दी है।

त्वाँग से 42 किमी दूर चीन की सीमा की ओर “संगत्सर झील” है, जो कि

भूकम्प के कारण एक बुग्याल में बनी है।

संगत्सर झील आज अरूणाचली युवाओं में “माधुरी लेक” के नाम से मशहूर है।

1997 में यहाँ शाहरूख और माधुरी दीक्षित की कोयला फिल्म शूट की गई थी।
तब से माधुरी दीक्षित की शान में यह झील त्वाँग का टूरिस्ट स्पाॅट माधुरी लेक बना है।

इस बार्डर लेक की देखरेख सेना करती है और 14 हजार फिट पर देशभर से आये

यात्री सेना का प्यार और सत्कार पाकर गर्व महसूस करते हैं।

तेजपुर से बोमडिला, धीरांग, सेलाटाप होकर बौद्ध नगरी त्वांग का सफर

बेहद रौमांचकारी और अविस्मरणीय है।
— भूपत सिंह बिष्ट,
स्वतंत्र पत्रकार, उत्तराखंड

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