
उत्तराखंड और हिमाचल में मोदी का जादू बरकरार बीजेपी शत प्रतिशत !
ना मिली 370 ना हुए 400 पार गोदी मीडिया की भारी फज़ीहत लेकिन एन डी ए ने जीता बहुमत।
18 वीं लोकसभा चुनाव बीजेपी और मोदी के लिए उतार के साबित हुए हैं।
अपने दम पर 2014 और 2019 में सरकार बनाने वाला मोदी का करिश्माई जादू 2024 में
अपना जलवा बिखेरने में असफल रहा।
बीजेपी 240 सीट पर ठहरी है और ये पिछले 303 के रिकॉर्ड से 63 कम है।
बीजेपी इस बार 400 पार और अपने लिए 370 सीट जीतने के लक्ष्य से मैदान में उतरी।
बीजेपी के इस उतार ने कांग्रेस को 99 सीट पर जीत दिलायी और राहुल गाँधी राजनीति
के धुरंधर बन कर उभरे हैं।
हिमालयी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल में मोदी का जादू बरकरार रहा है।
उत्तराखंड में बीजेपी ने 22 लाख 56 हजार 936 वोट हासिल कर सभी 5 लोकसभा सीट
जीत ली हैं
बीजेपी का वोट प्रतिशत शानदार 56 फीसदी से ज्यादा है लेकिन 2019 में बीजेपी ने
29 लाख 54 हजार 833 वोट हासिल किये थे।
कांग्रेस को 15 लाख 64 हजार 258 वोट मिले और ये 2019 से मात्र 44 हजार ज्यादा हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार लोकसभा सीट 1 लाख 64 हजार के अंतर से जीत
दर्ज़ करायी है और यहाँ कांग्रेस के हरीश रावत अपने बेटे वीरेंदर रावत को हार से नहीं बचा सके।
गढ़वाल लोकसभा सीट में बीजेपी के मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी की जीत का अंतर 1 लाख 63 हजार के
करीब रहा। कांग्रेस के गणेश गोदियाल ने बीजेपी को टक्कर दी।
टिहरी लोकसभा में चौथी बार श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह जीतने में कामयाब रही।
टिहरी लोकसभा में युवा निर्दलीय बॉबी पंवार ने 1 लाख 61 हजार वोट पाकर युवा असंतोष को
गहरा रेखांकित किया है।
हिमाचल में कांग्रेस ने अपने 6 बागियों के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज़ की है। यहाँ कांग्रेस अपने 4
बागियों को हराने में कामयाब रही। ये बागी आपरेशन लोटस के तहद बीजेपी में शामिल हो
गए थे।
कांग्रेस के बागी बीजेपी के टिकट पर धर्मशाला से सुधीर शर्मा और बरसर से इन्दर दत्त लखनपाल
अपनी सीट जीत पाए। बाकि चार दुबारा हिमाचल विधानसभा में प्रवेश के लिए जनता ने नकार दिए।
हिमाचल में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में 22 लाख 56 हजार वोट पाकर सभी 4 सीट जीत ली हैं।
बीजेपी को 56 और कांग्रेस का वोट 41 फीसदी के करीब रहा है।
मंडी लोकसभा से बीजेपी की कंगना रनोत 74755 से और शिमला लोकसभा से बीजेपी के
सुरेश कुमार कश्यप 91451 वोट से चुनाव जीते हैं।
- भूपत सिंह बिष्ट।