अखिल भारतीय महिला आश्रम देहरादून में माँ का स्मरण !
बालिकाओं और बुजुर्ग महिलाओं के बीच अपने प्रिय परिजनों की यादें साकार करने का स्थल।

अखिल भारतीय महिला आश्रम देहरादून में माँ का स्मरण !
बालिकाओं और बुजुर्ग महिलाओं के बीच अपने प्रिय परिजनों की यादें साकार करने का स्थल।
सरस्वती सोनी मार्ग देहरादून नगर की अनूठी शान को बयान करता है – ये मार्ग आजादी पूर्व की
सामाजिक युग दृष्टा सरस्वती सोनी के पुण्य कर्मों को आज भी संजोये हुए है।
मार्ग के अंतिम छोर पर श्रीमती सरस्वती सोनी ने आर्य समाज संस्कारों से अभिभूत
अखिल भारतीय महिला आश्रम की स्थापना की है।
वर्ष 1945 में श्रीमती सोनी ने दस बीघा भूमि का दान कर अपनी महिला मित्रों के
सहयोग से इस आश्रम की नींव रखी थी।
आज 78 वर्ष बाद लगातार यहां बालिकायें आश्रम पद्धति में रहकर शिक्षा – दीक्षा हासिल करती हैं।
सीनियर सिटीजन महिलाओं का आश्रय स्थल श्रीमती सोनी का कृतज्ञ है।
देहरादून शहर की सभी प्रबुद्ध महिलायें आश्रम से इन आठ दशकों में
किसी न किसी ढंग से जुड़ी हैं।
बालिकाओं के नवनिर्मित हास्टल निर्माण में ओएनजीसी, अन्य संस्थान और नागरिकों का योगदान है।
परिसर में आठवीं कक्षा तक बालिकाओं का विद्यालय है। बेटियों की शिक्षा और कौशल विकास
के लिए निरंतर सत्र आयोजित किए जाते हैं।
फिलहाल 85 बालिकायें और सात बुजुर्ग महिलायें सनातन पद्धति में निर्वाह कर रही हैं।
आज माँ की पांचवी पुण्य तिथि पर बालिकाओं के बीच स्मरण करने का अवसर
अखिल भारतीय महिला आश्रम ने दिया।
नन्हीं बालिकाओं और बुजुर्ग महिलाओं के साथ जलपान और भोजन कार्यक्रम का आयोजन कर
हम अपने परिजनों को सच्ची श्रद्धांजली दे सकते हैं।
– भूपत सिंह बिष्ट