नेपाल भ्रमण – भक्तपुर दरबार 500 साल का आँख खोलता इतिहास !
मूर्ति कला , धातु कला और आर्किटेक्चर हर फन के उस्तादों की कारीगरी एक परिसर में म्यूजियम बन गई ।

नेपाल भ्रमण – भक्तपुर दरबार 500 साल का आँख खोलता इतिहास !
मूर्ति कला , धातु कला या आर्किटेक्चर हर फन के उस्तादों की कारीगरी एक परिसर में म्यूजियम बन गई है ।
19 अगस्त – विश्व फोटोग्राफी डे पर नेपाल के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट “भक्तपुर दरबार” में
युवा फोटोग्राफरों का मेला जुट गया।
500 सालों का साक्षात इतिहास भक्तपुर दरबार में उपलब्ध है।
नेपाल की सभ्यता और संस्कृति को निकट से जानने के लिए रोजाना यहाँ
फोटोग्राफी डे मनाया जाता है।
2015 के नेपाल भूकंप ने इस परिसर को भी क्षति ग्रस्त किया है।
संसार के हर देश से हिमालय में बसे नेपाल का रहस्य सुलझाने – समझने लोग,
कलाकृतियों में डूबे रहते हैं।
ये बेहद आश्चर्य का विषय है – एक राजा इतना कला प्रेमी भी हो सकता है।
महल का निर्माण हो या मंदिरों का कारीगरों ने अपनी अनूठी छाप छोड़ी है।
चाहे पत्थरों को तराश कर बनाई गई, या धातु की मूर्तियां, घंटे और नक्काशी
सबकुछ रसायन विज्ञान व कलाकारों की श्रेष्ठता को अव्वल नंबर जाहिर करते हैं।
पांच सौ साल की सभ्यता को सहेज कर रखने में नेपाल ने पूरे संसार को कृतज्ञ किया है।
यूरोपीय विद्वानों ने भी इस संरक्षण के लिए तमाम अभियान चलाये हैं।
इस धरोहर को देखने के लिए पांच सौ नेपाली मुद्रा का टिकट लेना पड़ता है।
यहाँ बड़ी संख्या में युवा गाइड रोजगार भी पा रहें हैं।
काठमांडू से भक्तापुर की दूरी नौ किमी है और अलग जिला होने के नाते,
दरबार धरोहर के लिए बेहतर इंतज़ाम किये गए हैं।
भक्तापुर – दरबार क्षेत्र में बाग , सरोवर और प्राचीन गांव की लुक को संरक्षित किया गया है।
नेपाल की सभ्यता और संस्कृति को चार चाँद लगाने वाले राजशाही की
अनेक कहानियां यहाँ बिखरी पड़ी हैं।
भव्य महल और परकोटे की बनावट, राजा का क़ैद खाना,
नेपाल की जीवित देवी का पवित्र स्थान, ऊँचे मंदिरों के बाहर द्वारपाल और
हर सीढ़ी पर उकेरी गई विशाल जानवरों की मूर्तियां , चित्रकारी , धातु लेख सब गज़ब है।
काठमांडू से आधे घंटे की यात्रा कर इस खुले परिसर में फैले नेपाल की सभ्यता के
इतिहास को देख सकते हैं।
देवानंद की शानदार फिल्म ” हरे रामा , हरे कृष्णा में ” इस भक्तपुर – दरबार को फिल्माया गया है।
सभी चित्र एवं आलेख – भूपत सिंह बिष्ट , स्वतंत्र पत्रकार।