डाक्टर बनने के लिए अमेरिकन नागरिक नकली हिंदुस्तानी बन गया !
अब मामला कर्नाटक हाईकोर्ट में एनआरआई फीस भरो या 420 की सजा भुगतो।

डाक्टर बनने के लिए अमेरिकन नागरिक नकली हिंदुस्तानी बन गया !
अब मामला कर्नाटक हाईकोर्ट में एनआरआई फीस भरो या 420 की सजा भुगतो।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 26 वर्षीय डाक्टर को आदेश किया है – एनआरआई कोटे की फीस भरो या
नकली नागरिक बनने की सजा भुक्तने के लिए तैयार रहें।

उल्लेखनीय कर्नाटक हाईकोर्ट में ये मामला चल रहा है – अमेरिकन नागरिक छात्रा ने सरकारी सीट पर
डाक्टरी की पढ़ाई पूरी कर डाली है।
सरकारी सीट पर एमबीबीएस करने के लिए 26 वर्षीय भानु सी रामचंद्रन ने
भारतीय नागरिकता के प्रपत्र जमा कराये हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भानु को हर साल की फीस का भुगतान एनआरआई कोटे
के शुल्क में जमा कराना होगा।
अन्यथा गृह मंत्रालय विदेशी छात्रा के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
हिंदुस्तानी नागरिक के झूठे दस्तावेज देकर छात्रा ने भारतीय छात्रा का हक मारा है।
भारतीय कोटे से डाक्टर बनकर विदेश में बसी छात्रा की सोच गैरकानूनी है।
विदेशी छात्रा को वापस अमेरिका भेजने की अनुमति इम्मीग्रेसन विभाग नहीं दे रहा
है सो छात्रा कोर्ट पहुंची थी।
1997 में जन्मी भानु 6 वर्ष की आयु में टूरिस्ट वीसा पर भारत आयी और वापस नहीं लौटी।
एमबीबीएस पढ़ाई पूरी करने के बाद उस ने अपना विदेशी पासपोर्ट दुबारा रीन्यू करा लिया
क्योंकि उस ने कभी भी विदेशी नागरिकता नहीं छोड़ी थी।
इस से पहले टूरिस्ट वीसा में भारत में रहने के बावजूद आधारकार्ड, पैनकार्ड और वोटरकार्ड भी बना लिये हैं।
— भूपत सिंह बिष्ट