केदारनाथ यात्रा: प्रधानमंत्री मोदी ने किया गोवर्धन पूजा पर गुजरात नववर्ष श्रीगणेश !
पिछले सौ साल चारधाम यात्रीसंख्या अब दस साल में, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार।

केदारनाथ यात्रा: प्रधानमंत्री मोदी ने किया गोवर्धन पूजा पर गुजरात नववर्ष श्रीगणेश !
पिछले सौ साल चारधाम यात्रीसंख्या अब दस साल में, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गोवर्धन पूजा उत्सव पर गुजरात नव वर्ष का श्रीगणेश केदारनाथ धाम से किया। वर्चुएल आईटी ने प्रधानमंत्री कार्यक्रम को देश विदेश के सनातन धर्मावलंबियो, प्रशंसकों, विद्वानों , संतों और महात्माओं के साथ सीधे जोड़ दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने केदारनाथ धाम के नवनिर्माण कार्यों का श्रेय शिव कृपा को दिया। केदारनाथ कार्य बर्फबारी के बीच माइनस तापमान में ईश्वरीय कार्य मानकर किए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि का पुनर्निमाण और मूर्ति का अनावरण भी किया। तीर्थ पुरोहित के आवास बनने से अब साल भर केदारनाथ में सुविधाजनक यात्रा संभव हो पायेगी। केदारनाथ को मंदिकिनी की बाढ़ से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनायी गई है।
नरेंद्र मोदी ने कहा – ड्रोन और वर्चुएल माध्यम से निरंतर केदारनाथ नवनिर्माण की जानकारी सीधे उन के आफिस से ली जा रही है।
केदारनाथ तक कार यात्रा संभव हो यह प्रक्रिया जारी है। चारधाम यात्रा में रेल, आलवैदर रोड़ और हवाई सेवाओं का इंफ्रास्ट्रक्चर दिन प्रतिदिन मजबूत हो रहा है।
अगले दस सालों में चारधाम यात्रियों की संख्या पिछले सौ साल को पार कर जायेगी। चारधाम यात्रा और होम स्टे नेटवर्क उत्तराखंड की एकोनोमी को रोजगार और स्वाभिमान से जोड़ने का प्रचंड अवसर देगी।
आदिगुरू शंकराचार्य ने केरल से केदारनाथ पहुंचकर भारत के भूगोल को चैतन्य और गतिमान कर दिया। केदारनाथ धाम की हवा और मिट्टी में 32 वर्षीय शंकराचार्य ने समाधि ली है और विश्व हेतु छोटी उम्र में जन कल्याण, सांस्कृतिक एकता और वेद – उपनिषद शिक्षा के लिए चारधाम व आश्रम स्थापित किए।
आदि शंकराचार्य ने विश्व को संदेश दिया – राग – द्वेष, ईर्ष्या हमारा स्वभाव नहीं है और दु:ख व कठिनाई का निराकरण ज्ञान से ही संभव है। सदियों से चारधाम, बारह महाज्योतिर्लिंगों व सिद्धीविनायक की तीर्थयात्रा और प्रात: स्मरण हमें देश के सभी हिस्सों से जोड़ता रहा है।
स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव में देशवासियों को सनातन संस्कृति के प्रमुख केंद्र चारधाम, अयोध्या राममंदिर, काशी विश्वनाथ, सारनाथ बौद्ध विश्व पर्यटन सर्किट की यात्रा में आना चाहिए।
अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण से भारत का प्राचीन गौरव लौट रहा है। दीवाली के बाद देशवासियों के जीवन में नए प्रकाश और नई उर्जा का आह्वान भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया।
पदचिह्न टाइम्स।