हरियाली और एडवैंचर स्पोर्टस का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय शहर है पोखड़ा !
काठमांडू से झीलों के शहर पोखड़ा के बीच मात्र आधे घंटे का आसान व सस्ता हवाई सफर।

हरियाली और एडवैंचर स्पोर्टस का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय शहर है – पोखड़ा !
काठमांडू से पोखड़ा मात्र आधे घंटे का आसान व सस्ता हवाई सफर।
विश्व का प्राचीन हिंदू राष्ट्र नेपाल भगवान शिव के पशुपतिनाथ स्वरूप के लिए अराध्य है।
दो दशक पहले यहां राजशाही का असमय खात्मा हो गया।
अब नेपाल विश्व के एडवैंचर प्रिय टूरिस्टों के लिए मांउट एवरेस्ट, (स्थानीय नाम सागर माथा)
और अन्नपूर्णा जैसी उच्ची चोटियों के लिए लोकप्रिय है।

नेपाल का दूसरा बड़ा अंतर्राष्ट्रीय शहर पोखड़ा साहसिक खेलों का
हब हो गया है।
पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, पैरा ग्लाइडिंग, राफ्टिंग जैसे ज़मीन , आसमान और जल के खेल में
शरीक होने पूरे विश्व के पर्यटक पोखड़ा पहुंचते हैं।
पोखड़ा में छह किलो मीटर लंबी झील के किनारे सुंदर बाजार टूरिस्टों को आश्रय देता है।
जगह – जगह झील में बोटिंग करने के लिए घाट बनाये गए हैं।
फेवा झील के किनारे चौबीस घंटे एक छोटा विश्व अस्तित्व में होता है सो खान – पान ,
मसाज, स्पा और तमाम यूरोपियन और एशिया की सुविधायें जुटाई गई हैं।
लगता है – सिंगापुर, थाइलैंड जैसी पर्यटकों को लुभाने वाली सेवायें यहां उपलब्ध हैं।

MOUNTAINEER IN 29 MAY 1953
फेवा झील के किनारे छोटी – बड़ी दुकानों से लेकर होटल के रिशेस्पसन तक में पर्यटकों का स्वागत
कर्णप्रिय ” नमस्ते” से होता है।

नेपाल की लिपि देवनागरी होने से बोर्ड पढ़ने में कोई बाधा नहीं है।
पोखड़ा का विशिष्ट पर्यटक स्थल सारंग कोट है।
सारंग कोट टाप से आप फोखड़ा की खूबसूरत वादियों और झील के फैलाव
का लुत्फ उठाते हैं।
मौसम साफ होने से हिमालय के बर्फीली शिखर यहाँ नेपाल की महिमा
बंयान करते हैं।

सारंगकोट पहुंचने के लिए रोप वे – केबल कार की आधुनिक सुविधा उपलब्ध है।
कई होटलों से अन्नपूर्णा केबिल कार संचालक टूरिस्टों को मुफ्त में लाने – ले जाने की
बस सुविधा दे रही है।
भारत सहित शार्क देशों के नागरिकों के लिए केबिल कार का दोनों तरफ का किराया
नेपाली आठ सौ रूपया है।
उल्लेखनीय है – भारतीय पांच सौ रूपये नेपाल के आठ सौ रूपये के बराबर हैं मगर
आजकल आसानी से एक्सचेंज न होने से स्थानीय दुकानदार दस से पंद्रह प्रतिशत तक
कमीशन वसूल रहे हैं।
शांत नेपाल में पर्यटक उद्योग की शानदार सफलता अनुकरणीय है।
पोखड़ा के अन्य पर्यटक स्थलों के बीच इंटरनेशनल मांउटनियरिंग म्यूजिम
बेहद प्रभावी है।

नेपाल की जातियां, समाज और संस्कृति की जानकारी यहां जुटायी गई हैं।
नेपाल से एवरेस्ट और अन्य शिखरों पर सफलता पाने वाले पर्वतारोहियों, बर्फीले शिखर
पर चढ़ने के लिए आवश्यक उपकरणों का प्रदर्शन भी है।
पोखड़ा से काठमांडू तक मोटर मार्ग दो सौ किमी का पहाड़ी रास्ता लगभग
आठ – नौ घंटो में तय होता है , जबकि हवाई यात्रा आधे घंटे में तय हो जाती है।
ग्लोबल वार्मिंग से विश्व पर्यावरण को चेतावनी का प्रभाग भी यहाँ बनाया गया है।
नेपाल में हिंदू देवी – देवताओं के साथ तिब्बती बोध धर्म की गहरी जड़े समाज में
फैली हुई हैं।
– भूपत सिंह बिष्ट, स्वतंत्र पत्रकार।