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डॉ गिरिजा शंकर त्रिवेदी की 87 वीं जयंती पर सजी गीतों की स्वरांजलि !

देहरादून के  13 चर्चित कलाकारों ने गुरूजी के गीतों में बिखेरा  अपनी  आवाज़ का जादू। 

डॉ गिरिजा शंकर त्रिवेदी की 87 वीं जयंती पर सजी गीतों की स्वरांजलि !

देहरादून के  13 चर्चित कलाकारों ने गुरूजी के गीतों में बिखेरा  अपनी  आवाज़ का जादू।

देहरादून के बहुआयामी व्यक्तित्व डॉ गिरिजा शंकर त्रिवेदी की 87 वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित

की गई।

DR GIRIJA SHANKAR TRIVEDI

11 मई 1939 को कानपुर में जन्में डॉ गिरिजा शंकर त्रिवेदी ने देहरादून को अपनी कर्मभूमि बनाया। डी ए वी कॉलेज

देहरादून में संस्कृत के विभागाध्यक्ष के रूप में दर्जनों छात्रों को पीएचडी शोध कराया , राष्ट्रीय अखबारों में देहरादून

को पहिचान दिलाई।

 

सबसे प्रमुख माँ सरस्वती के वरद पुत्र के रूप में हिन्दी भाषा के उन्नयन में कवि ,

मंच संचालन और प्रमुख साहित्यकार का दायित्व निर्वहन किया – देहरादून नगर को

हिन्दी कवि सम्मेलनों के आयोजन में  राष्ट्रीय ख्याति मिली और देहरादून के काव्य प्रेमी

जनमानस को राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर , गोपाल दास नीरज , डॉ शिव मंगल सिंह सुमन , काका हाथरसी जैसी विभूतियों का सानिध्य मिला।

11 मई 2026 को प्रीतम रोड स्थित रचना संसार सभागार में कवि डॉ गिरिजा शंकर त्रिवेदी द्वारा रचित गीतों को

देहरादून के नामी 13 कलाकारों ने अपना स्वर दिया। सोनिया आनंद , लिली भट्ट ढौंडियाल , क्षमा कौशिक ,

अजय जोशी , अरुण भट्ट , मणि अग्रवाल , कुलबीर चन्नी ,इंगिता पुजारी, श्रद्धा मिश्रा , उर्मिला शर्मा , कविता बिष्ट ,

लक्ष्मी भट्ट और अंजू पांडेय  ने कवि डॉ गिरिजा शंकर त्रिवेदी के गीतों को कर्णप्रिय स्वर दिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि बुद्धिनाथ मिश्र , मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं पत्रकार  देवेंद्र भसीन और कुशल

मंच सञ्चालन भारती मिश्रा ने किया।

प्रस्तुति – भूपत सिंह बिष्ट

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