
सांसद राहुल गांधी बर्फीली कड़कड़ाती ठंड में अब पहुंच गए श्रीनगर !
जम्मू से 232 किमी श्रीनगर तक आजकल गाड़ियों से यात्रा करना टेढ़ी खीर है – पदयात्रा के तो क्या कहने।
सांसद राहुल गांधी अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए कल आखिरी पड़ाव पूरा करने वाले हैं।
7 सितंबर को कन्याकुमारी तमिलनाडु से शुरू हुई – भारत जोड़ो पदयात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव तक आ पहुंची है।
आज पुलवामा, संगम स्थल से चलकर राहुल गांधी के साथ चल रहा भारत यात्रियों का कारवाँ श्रीनगर जनपद की सीमा पर पहुंच गया है।
14 राज्यों का सफर तय करने में 145 दिन लगे हैं।
कल सुबह पदयात्रा पंथचौक से शुरू होकर चश्मे शाही, डलझील के किनारे अपना अंतिम पड़ाव पूरा करेगी।
भारत जोड़ो यात्रा का समापन समारोह 30 जनवरी को लाल चौक में रैली के रूप में होना है।
भारत जोड़ो पदयात्रा में शामिल होने वाले प्रमुख विपक्षी नेता 2024 की संसदीय राजनीति को भी तय करने वाले हैं।
जम्मू से श्रीनगर तक का सफर बर्फीले मौसम में राहुल गांधी ने एक टी शर्ट में पूरा कर दिखाया है।
राहुल की तपस्या और दृड़ इच्छा शक्ति का अब पूरा देश और विशेषकर युवा वर्ग कायल हुआ है।
सांसद राहुल गांधी की पदयात्रा को सफल बनाने में सब से बड़ा योगदान सुरक्षा बलों का रहा है।
राहुल गांधी की चाक चौबंद सुरक्षा के इंतजाम भारतीय सुरक्षा बलों ने बखूबी निभाया है।
विशेषकर सीआरपीएफ जम्मू – कश्मीर के बर्फीले मौसम में अभेद्य दीवार बनकर खड़ी है।
श्रीनगर मार्ग पर पहाड़ दरक रहे हैं और भू स्खलन से मार्ग अवरूद्ध रहता है।
बर्फीले इलाके में रात दिन की तैनाती कठिन तपस्या और जोखिम को भी सुरक्षा बलों ने निभाया है।
भारत जोड़ो यात्रा देश के युवाओं के लिए साहसिक पदयात्रा, देश की एकता व अखंडता के लिए जीवन मूल्य और भारत की विभिन्न संस्कृतियों में एकता के सूत्र साबित करने वाली रही है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और चार बार के युवा सांसद राहुल गांधी ने इक्कीस वीं सदी में इतिहास रच दिया है।
– भूपत सिंह बिष्ट