
कोटद्वार रेलवे स्टेशन में सुधार का मुद्दा तीरथ ने लोकसभा में उठाया !
सामरिक सुरक्षा हेतु बार्डर को जोड़ते कोटद्वार रेलवे स्टेशन से सभी गाड़ियों का पुन: संचालन और जन शताब्दी का समय सुधारें।
पूर्व मुख्यमंत्री व गढ़वाल लोकसभा सांसद तीरथ सिंह रावत ने मानसून सत्र में कोटद्वार रेलवे स्टेशन की तमाम खामियों को सरकार के समक्ष उजागर किया है।

कोटद्वार स्टेशन सौंदर्यीकरण, कोरोनाकाल में स्थगित गढ़वाल एक्सप्रेस और मसूरी एक्सप्रेस का पुन: संचालन और सेना बहुल राज्य हेतु देश के महत्वपूर्ण शहरों से कोटद्वार के लिए नई रेल सेवाएं शुरू करने की मांग सांसद ने लोकसभा में उठायी।
गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने संसद में लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से रेल मंत्रालय को ये भी अवगत कराया कि चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली, महर्षि कण्व का कण्वाश्रम की विरासत समेटे ऐतिहासिक नगरी कोटद्वार का रेलवे स्टेशन का विकास देवभूमि में सांस्कृतिक संरक्षण के लिए जरूरी है।
अंग्रेजकाल में स्थापित कोटद्वार स्टेशन गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर, तिब्बत और नेपाल की सीमाओं को भी देश के अन्य भागों से जोड़ता है।
इस रेलवे स्टेशन से पौड़ी जनपद की 6 विधानसभाओं का जुड़ाव है।
सामरिक सुरक्षा दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण चमोली और रूद्रप्रयाग जनपद को रेल मार्ग से देश के अन्य भागों से जोड़ता है।
मसूरी एक्सप्रेस और गढ़वाल एक्सप्रेस का पुन: संचालन न होने से सेना के जवानों को भी असुविधा हो रही है।
सांसद गढ़वाल ने सदन में लिखित प्रतिवेदन किया – सांसदों के अथक प्रयास से कोटद्वार से सिद्धबलि जनशताब्दी एक्सप्रेस शुरू की गई लेकिन नई रेल सेवा का टाइम टेबिल यात्रियों के लिए उपयोगी नहीं है और इस में तुरंत सुधार की जरूरत है।
सांसद तीरथ सिंह रावत ने लोकसभा में रेल मंत्री को अवगत कराया कि देश की सामरिक सुरक्षा एवं व्यापक जनहित में तत्काल गढ़वाल एक्सप्रेस और मसूरी एक्सप्रेस का संचालन बहाल हो।
सिद्धबली एक्सप्रेस का समय परिवर्तित एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया जाए।
पदचिह्न टाइम्स।