
नासूर बनती दून ट्रैफिक समस्या पर मुख्य सचिव ने ली बैठक !
मुख्य सचिव एसएस संधु ने वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट को तुरंत आन लाइन उपलब्ध कराने व कर्मियों की कुंठा का विषय उठाया।
उत्तराखंड प्रदेश के मुख्यसचिव डॉ. एस.एस. संधु ने अधिकारियों के पैंच कसने के लिए बैठक में बुलाया।
देहरादून स्मार्ट सिटी में बेलगाम ट्रैफिक नासूर बनता जा रहा है।

कुछ माह पहले भी राजधानी देहरादून की ट्रैफिक समस्या पर मुख्यसचिव कार्ययोजना बनाकर
दुरूस्त रखने की चर्चा कर चुके हैं।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने आज फिर सचिवालय में देहरादून में यातायात जाम को कम करने
हेतु सभी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक की।
राजधानी में ट्रैफिक कंजेशन को कम करने के लिए संस्थागत तंत्र की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि शहर के यातायात संकुलन को कम करने की दिशा में लगातार अनुश्रवण प्रणाली
की देखरेख के लिए यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी को सक्रिय किया जाए।
इसकी प्रगति जांचने के लिए प्रत्येक माह बैठक आयोजित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यातायात संकुलन को कम करने के लिए सार्वजनिक यातायात प्रणाली में
बिना विलंब सुधार की आवश्यकता है।
सुविधिजनक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के साथ ही वाहनों की टाइमिंग भी सुनिश्चित किया जाए।
ताकि प्राइवेट वाहनों की आमद सड़क पर कम रहे।
मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में शासन और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर
प्रदेश के सभी कार्मिकों की एसीआर ऑनलाइन करने के भी निर्देश दिए।
इस वर्ष की एसीआर ऑनलाइन करने के साथ ही पुरानी एसीआर को स्कैन कर अपलोड किया
जाना भी सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पदोन्नति में एसीआर का समय पर उपलब्ध न होना एक बहुत बड़ा कारण रहा है।
अच्छा कार्य कर रहे कार्मिक एसीआर की उपलब्धता न होने से या अन्य किसी कारण से पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं।
ऐसे में उन्हें कुंठा होना स्वाभाविक होता है। इससे कर्मियों की कार्य क्षमता भी घटती है।
इन बैठकों में सचिव शैलेश बगोली एवं रविनाथ रमन, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम,
अरविन्द सिंह ह्यांकी, एस. एन. पाण्डेय, निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका
आदि उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
पदचिह्न टाइम्स।