सुप्रीम कोर्ट बताये – चुनाव आयोग ईवीएम मशीनों और वीवीपैट डाटा कब तक रखे !
सुप्रीम कोर्ट में अब 33 जस्टिस , 9 जज नए मिले
सुप्रीम कोर्ट बताये – चुनाव आयोग ईवीएम मशीनों और वीवीपैट डाटा कब तक रखे !
सुप्रीम कोर्ट में नए 9 जज आने से अब 33 जस्टिस न्याय करेंगे।
पदचिह्न टाइम्स।
मुख्य न्यायाधीशी एन वी रमण ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को अगले चुनाव के लिए रिलीज करने की निर्वाचन आयोग की याचिका पर अगले सप्ताह सुनवायी का फैसला किया है।
कोविड की दूसरी लहरे के बीच हुए केरल, तमिलनाडु, पांडिचेरी, पश्चिम बंगाल और असम चुनाव के नतीजों को लेकर याचिका दायर करने में समय सीमा को बढ़ाया गया है।
इस के चलते ईवीएम और वीवीपेट मशीनों को सुरक्षित रखने के आदेश हैं। चुनाव आयोग चाहता है कि इन मशीनों का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में संभव हो सके सो सुप्रीम कोर्ट एक गाइड लाइन चुनाव परिणामों को चुनौती देने और वीवीपैट (वोटर वैरीफेबल पेपर आडिट ट्रेल ) व इवीएम मशीनों के डेटा सुरक्षित रखने में जारी करे।
चुनाव आयोग की याचिका को अगले हफ्ते सुनवायी के लिए लिस्ट किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में कल मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण ने नए नौ जजों को संविधान की शपथ दिलायी और अब सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों के कुल पदों में 33 पर नियुक्तियां हो गई हैं। पहली बार शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण सुप्रीम कोर्ट से किया गया।
जाहिर है कि अब सुप्रीम कोर्ट में जजों की तादात लगभग पूरी होने के बाद पैंडिंग मुकदमों के निपटारे में तेजी आयेगी। जम्मू – कश्मीर में धारा 370 और स्टेट दर्जा समाप्त करने को चुनौती देने वाली याचिका, इलेक्शन बांड, राजद्रोह में निरूद्ध करने वाली धारा का दुरपयोग, नागरिकता कानून में संशोधन की वैधता, आदि मामलों को निपटाने में गति मिलेगी।
संविधान की सही व्याख्या के लिए नई संविधान पीठ अब सुप्रीम कोर्ट की प्रभावी छवि को लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित करने वाली हैं और सरकार को अब संवैधानिक दायरे में कामकाज निपटाना होगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में मामले निपटाने की गति सरकार के लिए कश्मकश बन सकती है। अधिकतर मामले उच्च न्यायालयों में देश और प्रदेश सरकार के खिलाफ ही दर्ज हैं।
पदचिह्न टाइम्स