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रेल परियोजना में टूट गई कीर्तिनगर – बिलकेदार की सड़क जनासू में बनेगा मिनी स्टेशन !

ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल परियोजना के साइड इफेक्ट अब हैरान - परेशान लोग दे रहे सांसद, विधायक, मंत्री व सरकार हर दरबार में दस्तक ।

रेल परियोजना में टूट गई कीर्तिनगर – बिलकेदार की सड़क जनासू में बनेगा मिनी स्टेशन !

ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल परियोजना के साइड इफेक्ट अब हैरान – परेशान लोग दे रहे सांसद, विधायक, मंत्री व सरकार हर दरबार में दस्तक ।

उत्तराखंड में रेलवे परियोजना एक बड़ी उपलब्धि है।

सतपाल महाराज ने कांग्रेस के जमाने में दिखाया था ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल का सपना, जो अब ज़मीन पर आकार ले रहा है।

कांग्रेस के जमाने में परियोजना के सर्वेक्षण या गोपेश्वर में रेल का इंजन ट्रक से ले जाने की खबर बनती रहती थी।

अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्णप्रयाग रेल परियोजना को तेज गति दी है।
ऋषिकेश मुनीकीरेती, ब्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा , नैथाणा, स्वीत श्रीनगर में रेलवे काम तेज गति पकड़ चुके हैं।

देवप्रयाग से गंगा पार पौड़ी जनपद में एक सुरंग द्वारा जनासू में मिनी स्टेशन बनना है।
जनासू से रेल, गंगा पार कर मलेथा टिहरी जनपद में जायेगी।

जनासू मिनी स्टेशन और टनल कार्यों में निर्माण एजैंसी एल एंड टी भारी वाहनों का उपयोग निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए करती है।

जनासू के निकट बनने वाली टनल से निकाले जा रहे पत्थर और मिट्टी को खंतूखाल के निकट डंपिंग जोन में डाला जा रहा है।

कीर्तिनगर से नकोट, बिलकेदार और जनासू तीन किमी में बसे निवासियों की पीड़ा भारी वाहनों से सड़क के क्षतिग्रस्त होने की है।

बिलकेदार से खंतूखाल डंपिंग जोन की तरफ काम चलने पर रात दिन सैकड़ो डंपर सड़क पर होते हैं।

इन सड़कों पर स्कूल आते – जाते बच्चे, नौकरी पेशा लोग, हास्पीटल और बाजार आने – जाने वाले लोग बाधित हैं। इन भारी वाहनों से सड़कों का टूटना, दुर्घटना की तमाम संभावनायें और धूल – मिट्टी के गुब्बार रोजामर्रा की समस्या बन चुकी है।

 

श्रीनगर नगर निगम का हिस्सा बन रहे नकोट, बिलकेदार व जनासू क्षेत्र में दर्जन भर स्कूल इस पीड़ा को झेल रहे हैं।

पौड़ी, श्रीनगर और कीर्तिनगर के लिए सैकड़ों निवासी रोजाना अपने वाहन का प्रयोग करते हैं और टूटी सड़क पर चलने के लिए विवश हैं।

 

अगस्त – सितंबर माह में स्थानीय वासी अपनी सड़क की मरम्मत के लिए धरने – प्रदर्शन पर बैठ चुके हैं।

लोकसभा सांसद तीरथ सिंह रावत और स्थानीय विधायक के प्रयासों से जिलाधिकारी पौड़ी ने रेल परियोजना की दिक्कतें दूर करने का चरणबद्ध आश्वासन दिया है।

अब नए जिलाधिकारी के आने पर बिलकेदार कीर्तिनगर के निवासी फिर सड़क रिपेयर की मांग उठाने को सक्रिय हुए हैं।

ऐसा लगता है – रेल परियोजना के दौरान भारी वाहनों के प्रयोग से टूटनी वाली हलके वाहनों के लिए बनी सड़क के लिए बजट और रिपेयर व्यवस्था नहीं की गई है।

ना ही परियोजना संचालक इस ओर गंभीर हैं। ये सामान्य समस्यायें रेलवे विभाग और एल एंड टी कंपनी अपने सीएसआर – कोरपोरेट सोशल रिसपोंसबिलेटी फंड से हल कर सकती हैं।

सरकार और प्रशासन को रेल परियोजना के दौरान टूटने वाली सड़कों की निरंतर रिपेयर के लिए सजग होना है।

अन्यथा रेल  से आम जनजीवन की बाधा कभी बड़े आंदोलन का कारण बन सकती है।
– भूपत सिंह बिष्ट

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