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उत्तराखंड में 38 लाख पंजीकृत वाहन और 31 लाख लाइसेंसधारी !

सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान - समागम 2024 में मोबाइल और नशे में वाहन न चलाने का अनुरोध।

उत्तराखंड में 38 लाख पंजीकृत वाहन और 31 लाख लाइसेंसधारी !
सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान – समागम 2024 में मोबाइल और नशे में वाहन न चलाने का अनुरोध।

संभागीय परिवहन अधिकारी शैलेश तिवारी ने बताया – देहरादून में लगभग

10 लाख वाहन पंजीकृत हैं।
उत्तराखंड में पंजीकृत वाहन 38 लाख और ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की संख्या 31 लाख

पार कर गई है।


शैलेश तिवारी उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता

अभियान – समागम 2024 को संबोधित कर रहे थे।

परिवहन अधिकारी शैलेश तिवारी ने आधी आबादी से वाहन चलाने के लिए डीएल लेने का

आह्वान किया ताकि आज के दौर में युवतियां तेजी से प्रगति कर सके।

वाहन चलाने से पहले डीएल, आरसी, इश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र रखकर

चलने की हिदायत भी दी गई।
हर सड़क दुर्घटना में इंश्योरेंस कंपनी वैध पालिसी पर जनहानि और शारीरिक नुक्सान

होने पर निश्चित मुआवजे का भुगतान करती है।
भले ही दुर्घटना करने वाला वाहन अनजान हो। नाबालिग वाहन चालक की दुर्घटना का मुआवजा

इंश्योरेंस कंपनी अभिभावक से वसूलती है।
वाहन चलाते हुए शांतचित होने से सड़क दुर्घटना के प्रभाव न्यूनतम किए जा सकते हैं।

वाहन चलाते हुए मोबाइल और शराब का निषेध जरूरी है। अन्यथा ये जानलेवा लापरवाही हो सकती है।
निश्चित गति से अधिक वाहन चलाने पर उत्तराखंड में परिवहन विभाग

कैमरे के माध्यम से अब चालान कर रहा है।
सीट बैल्ट सड़क दुर्घटना में वाहन सवारों की प्राण रक्षक साबित हो रही है।

संभागीय अधिकारी प्रशासन ने सुनील शर्मा ने दावा किया – उत्तराखंड परिवहन विभाग में

घूसखोरी रोकने के लिए सभी काम अब आनलाइन एप के माध्यम से होते 

हैं।
अब दलाल और फाइल चलाने की परंपरा में अंकुश लगा है। राजधानी में परिवहन व्यवस्था को

सुचारू रखने के लिए निश्चित स्टाप और जीपीआरएस तकनीक का इस्तेमाल होना है।

सड़कों पर आई ई रिक्शा की बाढ़ को थामने के लिए उन्हें मुख्यमार्ग से परे गलियों में

लोगों को घर से मुख्य स्टाप तक छोड़ने के निर्देश हैं।

नशे की हालत में चालान होने पर आर्थिक जुर्माने के साथ लाइसेंस जब्त

किया जा सकता है। 

पब्लिक वाहन चालकों के ड्रेस कोड, डीएल, आरसी और फोटो सहित मोबाइल की जानकारी

फ्लेकस में वाहन में अन्य महानगरों की तरह चस्पा करने में अभी वक्त है ।

जुगाड़ वाहनों की फोटो जानकारी ई मेल द्वारा परिवहन विभाग से सांझा की जा

सकती है ताकि सड़कों पर जानलेवा दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने किया।
समागम कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाचार पत्रों व विभिन्न समाचार पोर्टलों के माध्यम से

आम जनता को सड़क सुरक्षा के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

आरटीओ प्रशासन सुनील शर्मा व आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने कार्यशाला में

सड़क सुरक्षा से संबंधित सवालों पर जवाब दिए।
परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने डिजी लाकर, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन व

इंश्योरेंस की उपयोगिता को आम जनों के हित में होने की जानकारी दी।

किसी भी सड़क दुर्घटना में प्रभावितों नागरिकों के लिए तय मुआवजे राशि को भी सांझा किया।

परिवहन विभाग की विभिन्न योजनाओं को आमजन तक प्रसारित करने में

मीडिया का आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर आरटीओ की टीम समेत प्रेस क्लब की कार्यवाहक महामंत्री व

संयुक्त मंत्री मीना नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि खत्री, कनिष्ठ उपाध्यक्ष दरवान सिंह,

संप्रेक्षक मनोज जयाडा, कार्यकारिणी सदस्य मंगेश कुमार, फहीम तन्हा,  वरिष्ठ सदस्य

दिनेश शास्त्री आदि  कई सदस्य मौजूद रहे।
पदचिह्न टाइम्स।

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