
एक नजर इधर – बागेश्वर के चुनाव परिणाम किस करवट रहे !
पहले विधानसभा चुनाव को छोड़कर कांग्रेस बागेश्वर सीट दोबारा अब तक जीत नहीं पाई है।
2002 में कांग्रेस के रामप्रसाद टम्टा 12419 वोट पाकर जीते थे। तब भाजपा के
नारायण राम दास को 10242 वोट मिले थे।
2007 के चुनाव में भाजपा के चंदन राम दास 17614 वोट लेकर जीते।
कांग्रेस को तब 11724 वोट मिले थे।
वर्ष 2012 में भाजपा प्रत्याशी चंदन राम दास फिर जीते। इस बार जीत का अंतर
बेशक 1911 रहा। चंदन को 23396 वोट मिले जबकि कांग्रेस के रामप्रसाद
को 21485 वोट मिले।

वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा के चंदन राम दास ने बड़ी जीत दर्ज की।
उन्हें 33792 वोट मिले जबकि कांग्रेस के बालकृष्ण को 19225 वोट ही मिल पाए थे।
अब बात करें – 2022 में पांचवी विधानसभा चुनाव की। इस चुनाव में
चंदन राम दास को 32211 वोट मिले जबकि कांग्रेस के रणजीत दास को
मात्र 20070 वोट ही मिल पाए थे।
भाजपा ने अपने चार बार के विधायक चंदन रामदास को कैबिनेट मंत्री
भी बनाया।
इस तरह आंकड़ों के हिसाब से देखें तो भाजपा का पलड़ा भारी है ।
अब इसी भारी जीत को बनाए रखने की चुनौती भी है।
कांग्रेस तो 2007 से यहां अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है।
– दिनेश शास्त्री, वरिष्ठ पत्रकार।