
अब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब हटाये गए !
अगले साल त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के चलते मुख्यमंत्री बदलने की बीजेपी मुहिम।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
बिप्लब कुमार देब अपने बेबाक बयानों के लिए मीडिया में ज्यादा चर्चा में रहे हैं।
त्रिपुरा में बीजेपी ने सीपीएम का 25 साल की सत्ता का अंत कर के सुदूर उत्तर पूर्व राज्य में अपने पूर्ण बहुमत की सरकार फरवरी 2018 में स्थापित की।
बिप्लब कुमार देब को मुख्यमंत्री पद देकर बीजेपी ने अचरच में डाल दिया। अब त्रिपुरा बीजेपी अध्यक्ष मानिक साहा को मुख़्यमंत्री बनाने की चर्चा है।
अब चार साल के शासन के बाद बिप्लब कुमार देब की विदाई के पीछे सब को साथ लेकर न चलना और त्रिपुरा बीजेपी में धड़े बाजी का चरम पर होना बताया जा रहा है।
इस साल फरवरी माह में दो विधायकों ने बीजेपी से इस्तीफा देकर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी।
पंचायत और नगर पालिका चुनाव में बीजेपी का पूर्ण दबदबा रहा है लेकिन अंदर खाने फरवरी 2023 के विधानसभा चुनाव में बिप्लब कुमार देब को सक्षम न मानते हुए नेतृत्व परिवर्तन का फैसला हुआ है।
कुछ ऐसा ही निर्णय बीजेपी ने उत्तराखंड में भी लिया था – जब 4 साल पूरा करने से ठीक पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री का पद वापस ले लिया गया।

असम में भी चुनाव के बाद बीजेपी ने अपने मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के स्थान पर कांग्रेस से आये दबंग हिमंत बिस्वाल शर्मा को असम का मुख्यमंत्री बनाया है।
बीजेपी को भय है कि त्रिपुरा में ऐंटी इनकमबैंसी के नाम पर वामपंथी गठजोड़ सीपीएम के नेतृत्व में या कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सत्ता का खेल बिगाड़ सकते हैं।
बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव नए नेता के चुनाव में पर्यवेक्षक बताये जा रहे हैं।
पदचिह्न टाइम्स।