संसद में महुआ मोइत्रा ने हेल्थ इंश्योरेंस पर 18 प्रतिशत टैक्स को अमानवीय कहा !
देश की 500 बड़ी कंपनियां कुल 70 लाख रोजगार देती हैं तो 100 लाख इंटर्न कैसे बनायेंगे।

संसद में महुआ मोइत्रा ने हेल्थ इंश्योरेंस पर 18 प्रतिशत टैक्स को अमानवीय कहा !
देश की 500 बड़ी कंपनियां कुल 70 लाख रोजगार देती हैं तो 100 लाख इंटर्न कैसे बनायेंगे।
तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में आज बजट की
कमियों को खुलकर उजागर किया।
वित्त विशेषज्ञ लोकसभा सांसद ने बताया – समूचा विपक्ष, प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के भाषण में मौजूद
रहता है लेकिन बजट चर्चा पर उनकी अनुपस्थिति से विपक्ष को पीड़ा होती है।
सांसद महुआ मोइत्रा ने अपनी आलोचना में कहा – मोदी सरकार 55 फीसदी टैक्स वसूली
इनडायरेक्ट टैक्स – अप्रत्यक्ष कर से कर रही है। पैट्रोल – डीजल तथा जीएसटी जैसे उत्पादों पर
ये कर गरीब और अमीर से एक समान वसूला जाता है।
विश्व की उन्नत अर्थ व्यवस्था वाले देशों में अमीरों से ज्यादा टैक्स वसूली के लिए
60 फीसदी डायरेक्ट और 40 फीसदी की इन – डायरेक्ट वसूली की जाती है ताकि
गरीबों को राहत दी जा सके।
अप्रत्यक्ष कर के दायरे में पूरा देश आता है और गरीब – अमीर सबसे समान वसूली के
चलते अमीर और गरीब की खाई बढ़ती जाती है।
महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि सरकार मीडिल और वेतनभोगी तबके से 55 फीसदी कर
संग्रहण कर रही है और खरबपति व कोरपोरेट 45 फीसदी टैक्स योगदान करते हैं।
सरकार ने हैल्थ पालिसी पर 18 फीसदी जीएसटी लगाकर विगत वित्त वर्ष में
8263 करोड़ वसूले हैं। आम आदमी से हैल्थ पालिसी – लाइफ और मेडीक्लेम पर
18 प्रतिशत जीएसटी वसूलना अमानवीय है।
सरकार इसे तुरंत समाप्त करे – जीवन संकट बचाने के लिए आम आदमी अपनी
खून पसीने की कमाई से हैल्थ पालिसी कराता है।
टीएमसी सांसद आज लोकसभा में अपने पूरे रौ में नज़र आयी। महुआ मोइत्रा ने बताया
सरकार ने अपनी बहुप्रचारित योजनाओं का बजट घटा दिया है।
चीन और पाकिस्तान के खिलाफ मार्डन रक्षा बजट के लिए और अधिक प्रावधान किए
जाने चाहिए लेकिन सरकार के बजट में दो हजार करोड़ की कटौती दिखती है।
पदचिह्न टाइम्स।