पौड़ी की खास विरासत राजू भाई – उमेश डोभाल को नमन !
विकास, विचार और संघर्ष कभी ना खत्म होने वाली धारा है - पौड़ी जैसे नगरों से यह प्रवाह बहना जरूरी है।

पौड़ी की विरासत राजू भाई – उमेश डोभाल को नमन !
विकास, विचार और संघर्ष कभी ना खत्म होने वाली धारा है – पौड़ी जैसे नगरों से यह प्रवाह बहना जरूरी है।
आज उमेश डोभाल और उसकी पत्रकारिता को याद करते हुए हम एक खास शख्स को भूलते जा रहे हैं।
पौड़ी की पहचान – कभी पौड़ी टाइम्स रहा है। इस अखबार ने उमेश डोभाल के स्वर को आकृति दी और पहाड़ में दूर दराज तक शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगाई।
आज उमेश डोभाल और राजू भाई को याद करने का भावपूर्ण अवसर 25 मार्च है।
पौड़ी टाइम्स की चर्चा में हम इसके सम्पादक को अक्सर भूल जाते हैं – जहाँ उमेश डोभाल, राजू रावत भाई जेसे अनेक युवा – अपनी वैचारिक छटपटाहट के लिए मंच पाते रहे और परवान चढ़ पाए।
जिस दाड़ी वाले सम्पादक को चर्चा में अनेक गौण मानते हैं व सन्यासीे “सखा सत्यम” थे और सन्यासी होने से पूर्व नाम सतेन्द्र सिंह भंडारी था।

पत्रकारिता में हमारे गुरू रहे हैं – उत्तराखंड में व्याप्त नाथ सम्प्रदाय की पहले पहल जानकारी सखा सत्यम जी से मिली।
मेरा पौड़ी नगर से कोई खास संबंध नही है सो संपादक सखा सत्यम जी के परिवार के विषय में अधिकार पूर्वक नही जान पाया हूं।
संदेह नहीं है कि सखा सत्यम जी, निश्चित ही सभ्राँत और शिक्षित परिवार से आते हैं। अन्यथा सन्यासी होकर अखबार निकालने की सोचना कोई आम बात नही है।
श्रीनगर गढ़वाल में एमएससी करते हुए पौड़ी टाइम्स से जुड़ा।
उमेश डोभाल, राजू भाई – राजेन्द्र सिंह रावत स्टेट बैंक, लखपत सिंह, कुँज बिहारी नेगी मित्रों को पत्रकारिता की लौ जलाते करीब से देखा।
सखा सत्यम कहा करते कि – भारत में वाम पंथ तभी कामयाब होगा, जब राम और कृष्ण के त्याग को कम्युनिस्ट हृदय से मान – सम्मान देंगे।
अन्यथा रूस और चीन के विदेशी नायकों की छवि अपने देशवासियों के मन में सरलता से नही उकेरी जा सकती।
राजू भाई को सदर स्मरण, स्व उमेश डोभाल को नमन !
– भूपत सिंह बिष्ट