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सुरक्षा परिषद में भारत ने यूक्रेन में फंसे नागरिकों के लिए सुरक्षित कोरिडोर का मामला उठाया !

अभी तक सुमी, यूक्रेन में दोनों पक्षों ने मानवीय आधार पर दूसरे देश के नागरिकों को निकालने में घोषित कोरिडोर सुविधा नहीं दी।

सुरक्षा परिषद में भारत ने यूक्रेन में फंसे नागरिकों के लिए सुरक्षित कोरिडोर का मामला उठाया !
अभी तक सुमी, यूक्रेन में दोनों पक्षों ने मानवीय आधार पर दूसरे देश के नागरिकों को निकालने में घोषित कोरिडोर सुविधा नहीं दी।

 

भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस त्रिमूर्ति ने सुरक्षा परिषद में भारतीय छात्रों को निकालने के लिए सुरक्षित कोरिडोर देने का मामला उठाया है।  रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध में भारत सहित अन्य यूरोपीय देशों के नागरिक फंसे हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के लिए मानवीय आधार पर फंसे नागरिकों की जान बचाने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का भारी दबाव है।

भारत ने कहा है कि सुमी विश्वविद्यालय में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने में गोलीबारी के बीच भारी बाधा है। दोनों देश मानवीय कोरिडोर उपलब्ध कराने में एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

भारत ने यूक्रेन और पड़ोसी राज्यों का आभार व्यक्त किया है – जिनके सहयोग से युद्ध देश से नागरिक भारत लौट पा रहे हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस और यूक्रेन दोनों देशों के राष्ट्रपति से युद्ध रोकने और विवाद का हल वार्ता व कूटनीति से करने का अनुरोध कर चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ में अमेरिका सहित अनेक यूरोपीय देश रूस के खिलाफ जनमत बनाये हुए हैं और भारत को बार – बार इन प्रस्तावों पर अनुपस्थित रहकर रूस को सहयोग करना पड़ रहा है।

अपने नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों देशों के राष्ट्र अध्यक्षों को बातचीत से हल निकालने का मशविरा दे रहे हैं।

भारत के लिए चिंताजनक बात यह है कि अपने सामरिक हित और ठोस मित्रता के चलते रूस के आक्रमण की खुली निंदा नहीं की जा सकती है।
पदचिह्न टाइम्स।

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