उत्तराखंड कांग्रेस ने मांगी सारे भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच !
बेरोजगारों को पूर्व विधानसभा अध्यक्षों के बयान चोरी और सीनाज़ोरी की तरह चुभ रहे ।

उत्तराखंड कांग्रेस ने मांगी सारे भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच !
बेरोजगारों को पूर्व विधानसभा अध्यक्षों के बयान चोरी और सीनाज़ोरी की तरह चुभ रहे ।

उत्तराखंड की पांचवी विधानसभा में उठा नेताओं का भ्रष्ट आचरण अब देहरादून से दिल्ली तक गूँज रहा है।
अलग – थलग दिखते वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी युवाओं के पक्ष में मुखर हैं।
त्रिवेंद्र रावत कहते हैं – बैकडोर भर्ती के लिए माननीयों को दंभ की भाषा से बचना चाहिए। पूर्व सरकारों में क्या हुआ, इस को परंपरा नहीं बनाया जा सकता है।

उत्तराखंड की विषम परिस्थितियों में पारदर्शी चयन प्रतियोगिता और न्याय सब को नज़र आना चाहिए।
त्रिवेंद्र रावत ने विधानसभा नियुक्तियों में वित्त स्वीकृति की फाइल यह कह कर लौटा दी थी कि भर्तियां चयन आयोग करे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा यूके एसएसएससी के घोटाले के तार पिछले अध्यक्ष के वन विभाग भर्ती और हाकम की एंट्री तक ले गए हैं।
सरकार की लीपापोती ने हाकम को मास्टर मांइड बना दिया।
रसोइये से रिसोर्ट मालिक बनने की जांच और सफेदपोश बेइमानों को बेनकाब करने के लिए कांग्रेस अब सीबीआई पर भरोसा जता रही है।

विधानसभा में उपनेता कांग्रेसी विधायक भुवन कापड़ी ने दावा किया है – पिछले विधानसभा सत्र में भर्ती के काले कारनामे दस्तावेज सहित सदन में रखे गए।
अब अधीनस्थ चयन आयोग और तमाम दूसरे विभाग की भर्तियों के तार उत्तर प्रदेश राज्य तक पहुंचे हैं – ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी उत्तराखंड भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से कराकर नीर – क्षीर निर्णायक की भूमिका निभायें।
पं बंगाल के शिक्षा मंत्री घोटाले में सीबीआई उपलब्धि की तरह उत्तरांखंड में नौकरी माफिया को तोड़ना बेरोजगार युवाओं का विश्वास लौटाने के लिए अनिवार्य हो गया है।
फिलहाल कांग्रेस और बीजेपी के जनप्रतिनिधि विधानसभा नियुक्तियों में जनता से ज्यादा अपने परिवार के प्रतिनिधि साबित हुए।
— भूपत सिंह बिष्ट