उत्तराखंड में बढ़ रहा डेंगू का डंक, सरकार के आगे चुनौती !
प्राइवेट लैब और हास्पीटल डेंगू के प्रकोप में चांदी काटने की जुगत।

उत्तराखंड में बढ़ रहा डेंगू का डंक, सरकार के आगे चुनौती !
प्राइवेट लैब और हास्पीटल डेंगू के प्रकोप में चांदी काटने की जुगत।
उत्तराखंड में डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है। डेंगू मरीजों का आंकड़ा 600 से
पार पहुंच चुका है।
मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में डेंगू मुसीबत बन रहा है।
देहरादून जिला सर्वाधिक संवेदनशील बना है। यहां अभी तक 400 से
अधिक डेंगू मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं।
राहत की बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अस्पताल पहुंचने वाले
मरीजों की संख्या कम है।
बरसात धीमी होने के बाद फैली गंदगी इसका सबसे बड़ा कारण है।
प्रदेश सरकार की ओर से डेंगू प्रभावित जिलों में सभी सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़
वाले इलाकों में नियमित सफाई अभियान चलाने और फॉगिंग करने के आदेश दिए गए हैं,
लेकिन सम्बंधित विभागों की ओर से इसकी निगरानी नहीं किए जाने से डेंगू का डंक बढ़ रहा है।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू से पार पाने के लिए 25 बिंदुओं की
विशेष एडवाजरी जारी की गई है।
सम्बंधित अधिकारियों से इस पर अनिवार्य रूप से अमल करने को कहा गया है।
राजधानी देहरादून में जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के भर्ती होने का सिलसिला
लगातार जारी है।
इस कारण अन्य बीमारियों के मरीजों को आसानी से बेड नहीं मिल रहा है।
उधर निजी अस्पतालों में भी डेंगू मरीजों का तांता लगा है।
इस बीच मरीजों की लाचारी का फायदा डेंगू की जांच कर रही कुछ लैब ने उठाया।
लगातार ऐसी शिकायतें मिलने पर सरकार ने ऐसी लैब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डेंगू से बचाव के लिए जरूरी टिप्स –
–घर के आसपास या घर के अंदर पानी का जमाव न होने दें।
खासकर कूलर,गमले और टायर में जमा पानी को तुरंत साफ करें।

–डेंगू का मच्छर दिन के उजाले में काटता है, इसलिए दिन में खास सावधानी बरतें।
–बारिश के दिनों में अपने कपड़ों का खास ध्यान रखें, पूरे शरीर को ढककर रखें।
पूरी बांह की शर्ट और पैंट पहनें।
पांवों में जूते हों, ताकि डेंगू मच्छर से पूरा बचाव हो सके।
–सोते वक्त मच्छरदानी का उपयोग करें। घर में मच्छर नाशक दवाई का
खाद्य पदार्थों का बचाते हुए छिड़काव करें।
–डेंगू के लक्षण प्रतीत होने पर खून की जांच कराएं।
–डेंगू होने पर खाने में तरल पदार्थ अधिक से अधिक लें।
–तला, भुना भोजन से परहेज कर सदा भोजन लें।
–डॉक्टरी सलाह के बिना स्वयं कोई भी दवा न लें।
— मदन गौड़, वरिष्ठ पत्रकार।