आइये, अपने रिटायरमेंट की समय पूर्व योजना बनायें !
सर्विस के दौरान छोटी और लंबी अवधि के निवेश जरूरी

आइये, अपने रिटायरमेंट की समय पूर्व योजना बनायें !
सर्विस के दौरान छोटी और लंबी अवधि के निवेश जरूरी
संदीप खानवलकर
आप चाहे, कोई भी व्यवसाय या सर्विस करते हैं – सब को एक दिन रिटायरमेंट लेना है। चाहे आप थक चुके हैं या आप की सर्विस नियमावली आप को रिटायर करा दे। दोनों ही परिस्थिति में आप की आय कम होने वाली है।
रिटायरमेंट पर आप की आर्थिक स्थिति इस बात पर निर्भर है कि आप ने सक्रिय जीवन के दौरान कितनी व किस तरह की बचत की है।
युवा वर्ग को इसीलिए सलाह दी जाती है कि अपनी सेवाकाल के दौरान योजनाबद्ध तरीके से बचत करना प्रारंभ करे ताकि रिटायरमेंट पर आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
युवा अवस्था में अपनी आय का 15 से 20 प्रतिशत राशि को निवेश हेतु अलग रखना बेहतर निर्णय है। सब से जरुरी है कि यह राशि अपनी आय से पहले ही अलग निकाल कर शेष राशि खर्च करें। किसी माह में यह संभव ना हो तो अगले महिनों में इस की भरपायी अवश्य करें।
अब सवाल उठता है कि इस 20 प्रतिशत राशि का निवेश कहां और कैसे करें ! अपनी आयु और सामाजिक परिस्थिति के अनुसार छोटी अवधि 1 से 3 साल तथा लंबी अवधि 3 से 10 साल तक निवेश लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं।
छोटी अवधि में कार खरीदना, यात्रा और मनोरंजन आदि लक्ष्य हो सकते हैं। लंबी अवधि में घर खरीदना, बेटी या बेटे की उच्च शिक्षा और विवाह आदि लक्ष्य तय कर सकते हैं। ध्यान रहे कि छोटी अवधि के लक्ष्य के लिए यदि लंबी अवधि का निवेश उपयोग करेंगे तो प्रतिफल में नुक्सान की संभावना है। लंबी अवधि का प्रतिफल हमेशा अधिक मिलता है।
आज निवेश के कई अवसर उपलब्ध हैं – ऐसे में निवेश जोखिम रहित लेकिन धनवृद्धि करे, यही सब की पहली पसंद है। निवेश के लिए बैंक जमा और पोस्ट आफिस परंपरागत विकल्प है। इस के अलावा म्युचल फंड, शेयर बाजार या इक्विटी, सरकारी व गैर सरकारी बांड, गोल्ड या गोल्ड बांड या गोल्ड ईटीएफ, नेशनल पैंशन स्कीम सबसे चर्चित निवेश की योजनायें हैं।
बैंक व पोस्ट आफिस जमा – यह सबसे सुरक्षित निवेश की योजना है लेकिन आजकल ब्याज दर में कमी होने से प्रतिफल कम मिलता है। छोटी अवधि के आर्थिक लक्ष्यों को पाने के लिए सबसे बेहतर विकल्प है। इस में जमा और निकासी सुगम है सो इस विकल्प को अवश्य अपनाना चाहिए।
म्युचल फंड – ये ऐसी संस्थायें हैं जो निवेशकों और विभिन्न निवेश विकल्पों के मध्यस्थ का कार्य करते हैं। म्युचल फंड निवेश विशेषज्ञ संस्थायें हैं और सामान्य जनमानस को विभिन्न योजनायें प्रस्तुत करती हैं – इक्विटी योजना, डेब्ट Debt आधारित विकल्प या दोनो सम्मिश्रित इक्विटी और डेब्ट।
इन योजनाओं में छोटी अवधि से लेकर लंबी अवधि तक निवेश किया जा सकता है। अपने आर्थिक लक्ष्यों के अनुसार इन में आनलाइन भी निवेश किया जा सकता है। जब कभी धन की आवश्यकता होने पर एक से तीन दिन के भीतर म्युचलफंड आप का निवेश खाते में लौटा देते हैं।
संदीप खानवलकर।