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उत्तराखंड राजकीय पेंशनर्स निशुल्क हेल्थ सेवा के लिए फिर  हाईकोर्ट की शरण !

राजकीय पेंशनर्स परिषद उत्तराखंड वादा खिलाफी और अवमानना के लिए सरकार के खिलाफ सक्रिय।

उत्तराखंड राजकीय पेंशनर्स निशुल्क हेल्थ सेवा के लिए फिर  हाईकोर्ट की शरण !

राजकीय पेंशनर्स परिषद उत्तराखंड वादा खिलाफी और अवमानना के लिए सरकार के खिलाफ सक्रिय।

उत्तराखंड राजकीय पेंशनर्स गोल्डन हेल्थकार्ड की मनमानी के खिलाफ

फिर न्यायालय में जा रही है।

स्मरणीय है कि माननीय उच्च न्यायालय ने पेंशनर्स के खाते से बिना स्वीकृति लिए

मासिक कटौती को अवैध माना है।


राजकीय पेंशनर्स वरिष्ठ नागरिक हैं और उन्हें लंबी सेवा के बाद निशुल्क हेल्थ सेवायें

उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व भी है।

गोल्ड हेल्थ कार्ड सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार पेंशनर्स को मासिक पेंशन से

कटौती कर के स्टेट हेल्थ एथारिटी को अंतरित करती है।

सरकार के खिलाफ उत्तराखंड राजकीय पेंशनर्स नैनीताल उच्च न्यायालय में

जबरन कटौती के खिलाफ आदेश हासिल कर चुके हैं ।
कटौती की राशि वापस पाने और आगे पेंशन से सीधे आहरण न कर ने का

आश्वासन लगातार टलता जा रहा है।

DR DHAN SINGH RAWAT, HEALTH MINISTER

 

उत्तराखंड हेल्थ अथारिटी के पूर्व अध्यक्ष इस्तीफा देकर हट चुके हैं और वरिष्ठ राजकीय पेंशनर्स

और उन के परिवार पैसा देकर मुफ्त मिलने वाली चिकित्सा सुविधा हासिल करने को विवश हैं।

राजकीय पेंशनर्स परिषद की प्रदेश कार्यकारिणी ने अपनी बैठक में सरकार द्वारा

पेंशनरों से की जा रही वादाखिलाफी और मा० उच्च न्यायालय नैनीताल के प्रति

बरती जा रही अवमानना के विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का संकल्प लिया है।

यह भी निर्णय लिया गया है कि कोर्ट के व्यय की पूर्ति हेतु सभी साथी सहयोग राशि प्रदान करेंगे।
इस बाबत पंजाब नेशनल बैंक में अलग से एक बचत खाता खुलवाया गया है।
पदचिह्न टाइम्स।

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