धर्म/ अध्यात्म/ ज्योतिषपर्यटन/ तीर्थाटनविविध

नई सरकार में केदारधाम चुनौती – खाली देवस्थानम बोर्ड भंग करने से कुछ नहीं होगा !

रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच सात किमी का सहज मार्ग आठ साल बाद भी मरम्मत नही हो पाया।

नई सरकार में केदारधाम चुनौती – खाली देवस्थानम बोर्ड भंग करने से कुछ नहीं होगा !
रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच सात किमी का सहज मार्ग आठ साल बाद भी मरम्मत नही हो पाया।
– भूपत सिंह बिष्ट।

बीजेपी ने चौथी विधानसभा में तीन मुख्यमंत्री बदले लेकिन बाबा केदार धाम के हालात सहज नहीं हुए हैं।

देवस्थानम बोर्ड तो वोट बैंक के लिए भंग कर दिया और बनाया आईएएस अधिकारियों को इस में शामिल करने के लिए था।
चार धाम काम बदरी केदार समिति में पीसीएस स्तर के अधिकारी उत्तर प्रदेश के ज़माने से करते आ रहे थे।

केदार – बदरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली पसंद बताया जाता है – फिर भी प्रदेश की आर्थिकी के आधार को मजबूत करने के लिए अधिकारी समुचित ध्यान नहीं दे रहे हैं।

जब तक रामबाड़ा से गरूड़चट्टी होकर श्री केदारनाथ धाम का प्राचीन रास्ता फिर से शुरू नही होता राष्ट्र के अरबों से नव निर्माण की बातें बेमानी हैं।

आम तीर्थयात्रियों को रामबाड़ा – लिंचौली से केदारनाथ धाम की कमरतोड़ चढ़ाई से बचाना मुख्य लक्ष्य होना चाहिए नाकि हैलिकोप्टर तीर्थयात्रा या फाईव स्टार टूरिज्म उत्तराखंड की जरूरत है।

अरबों रूपये की लागत से केदारनगरी में भव्य भवनों का निर्माण बेमानी है क्योंकि छह माह तो यात्रा बंद रहती है और यह देवस्थान आम आदमी की पहुँच से बाहर हैं।

मुख्यमंत्री से लिखित अनुरोध भी किया जा चुका है और उन के कार्यालय ने प्रतिवेदन प्राप्ति की सूचना दी थी लेकिन कुछ लाख में सम्पन्न होने वाले इस काम में किसी की रूचि आखिर क्यूँ नही है ?

रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच सात किमी का सहज मार्ग आठ साल बाद भी मरम्मत नही हो पाया है।

गरूड़चट्टी में उमा भारती के गुरू जी का आश्रम आपदा में भी सुरक्षित रहा है। रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच दो —तीन किलोमीटर का मार्ग ही रिपेयर होना है और इस के लिए जेसीबी व अन्य सभी संयत्र केदारनाथ में मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री के प्रशासनिक सलाहकारों का दायित्व है कि अपनी केदार हेलीयात्रा के साथ – साथ आम नागरिकों का भी ख्याल करें।
उत्तराखंड में पर्यटन को सुरक्षित और आरामदेय बनाने की जिम्मेदारी नई सरकार से भी है।
पदचिह्न टाइम्स।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!