
झारखंड में संशय के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हासिल करेंगे विश्वास मत हासिल !
चुनाव आयोग ने विगत माह हेमंत सोरेन की विधायिकी पर निर्णय गवर्नर को भेज दिया है।
झारखंड की राजनीति में नित नए उबाल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 5 सितंबर को विश्वास मत हासिल करेंगे।
झारखंड विधानसभा का विश्वास मत हेतु विशेष सत्र बुलाया गया है।
कल होने वाले विश्वास मत में 81 सीट वाली विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 30 विधायक, कांग्रेस के 18 और आरजेडी का एक विधायक है।
बीजेपी के विधायकों की संख्या 26 है।
मगर गाहे – बगाहे आपरेशन लोटस की चर्चा झारखंड में गूंजने लगती है।
कहा जा रहा है – गवर्नर झारखंड ने अभी तक हेमंत सोरेन की विधायिकी के निर्णय को सार्वजनिक नहीं किया है।
बीजेपी विधायक की शिकायत पर आफिस आफ प्रोफेट के एक मामले की शिकायत गवर्नर के माध्यम से चुनाव आयोग को की गई थी।
आरोप है – हेमन्त सोरेन ने खदान का पट्टा अपने नाम कराया है।
महिनों पुराने इस मामले में चुनाव आयोग के निर्णय पर आंख मिचौली जारी है।
अपुष्ट सूत्र बता रहे हैं – हेमंत सोरेन के विधायक पद को रद्द करने का आदेश जारी हुआ है।
सोरेन की संयुक्त सरकार गिराने के कयास भी लगाये गए हैं।
तब से हेमंत सोरेन अपने समर्थक विधायकों को कड़े पहरे में इधर – उधर टहला रहे हैं।
गवर्नर द्वारा निर्णय सुनाने में देरी के चलते, अब विश्वास मत हासिल करके हेमंत सोरेन सरकार अगले छह माह तक का सुरक्षा कवच बनाना चाहती है।
पदचिह्न टाइम्स।